“आपको कैसा पार्टनर मिलेगा ये आपके कर्मों पर निर्भर करता है” करिश्मा कपूर के इस वयान पर हमारे शास्त्र क्या कहते हैं ?

अपने जमाने की जाने वाली अभिनेत्री करिश्मा कपूर का नाता विवादों से कभी दूर नहीं रहा है।

उनकी अभिषेक बच्चन के साथ सगाई के साथ बाद रिश्ता टूटना और उसके बाद दो बार के तलाकशुदा संजय कपूर से शादी करना और उसके बाद तलाक। पार्टनर से अलगाव होना इनके जीवन के एवं विवादों में से एक हैं।

अपने पति के साथ अलगाव होना करिश्मा कपूर के लिए मुश्किल भरा समय रहा था। करिश्मा कपूर ने अपनी शादी को लेकर कभी किसी से कुछ नहीं कहा।

वे हमेशा अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर कभी कमेंट नहीं करतीं। हालांकि उन्होंने एक इंटरव्यू में प्यार को लेकर कुछ बातें जरूर कही थीं।

एक वह समय था जब करिश्मा कपूर की अपने पति के साथ तलाक के चर्चाओं का बाजार गर्म था।

फिल्म डेंजरस इश्क 3D के प्रमोशन के दौरान जब करिश्मा कपूर से प्रेम को लेकर सवाल पूछा गया था।

पत्रकार ने उनसे पूछा था कि कोई व्यक्ति तब क्या करें जब उसकी जिंदगी में आया प्यार उसके लिए खतरनाक बन जाए।

इस सवाल का जवाब देते हुए करिश्मा कपूर ने कहा कि किसी से प्यार करना अहमियत रखता है। लेकिन आपको सही इंसान मिलेगा या नहीं, यह आपके कर्मों पर निर्भर करता है।

इसके बाद जब उनसे उनके तलाक को लेकर सवाल पूछा गया तब उन्होंने कोई भी जवाब देने से मना कर दिया।

कर्मों का कितना योगदान है जीवनसाथी मिलने में

काजल मुंगरा जोकि ज्योतिष और मनोवैज्ञानिक हैं, ने टाइम्स ऑफ इंडिया को लिखे एक लेख में इस बात का जिक्र किया है कि मनुष्य के पूर्व जन्म में किए कर्म आपके रिश्ते पर असर डालते हैं।

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अपने जीवन में अपने साथी से धोखा ही मिलता है। वे अपनी जिंदगी में चाहे जितने लोग ले आएं।

उनको सब धोखा ही देते हैं। इसके पीछे उनके पिछले जन्म के कर्मों का हाथ होता है।

जीवन काल में होता है हिसाब

काजल आगे लिखती हैं कि मनुष्य योनि में व्यक्ति 500 से ज्यादा बार जन्म लेता है।

वह अपने हर एक जीवन में अच्छे और बुरे दोनों ही तरह के कर्म करता है।

उसके इस जीवन में किए गए कर्मों का प्रभाव उसके अगले जन्म पर पड़ना तय है।

जीवन चक्र है जैसे ही चलता है मनुष्य को अपने कर्मों का हिसाब देना ही पड़ता है।

बहू को यूं दे रहे हैं हिसाब

काजल ने अपने आर्टिकल में कुछ उदाहरण भी दिए हैं जिनमें से एक लड़की से जुड़ा है।

उन्होंने लिखा है कि एक जोड़ा अपनी 18 साल की बेटी को लेकर उनके पास आया।

बेटी मानसिक और शारीरिक रूप से अक्षम थी। उसकी ऐसी स्थिति क्यों थी और उसका फल को ऐसी संतान की प्राप्ति क्यों हुई ?

जब मैंने उनका पुनर्जन्म देखा तो उसके सामने यह निष्कर्ष निकल कर आया है कि उनकी वर्तमान बेटी है उनकी पूर्व जन्म में बहु हुआ करती थी। उन्होंने अपनी पूर्व जन्म की बहू को दहेज को लेकर जलाकर मार डाला था।

यह उनके पूर्व जन्मों के कर्म ही थे जो इस जन्म में वह उनकी बेटी बनकर उनसे बदला ले रही है।

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