कुछ लोग सिर्फ बातचीत के लिए ही से@स वर्कर को अपने पास बुलाते हैं। जानिए ऐसा क्यों करते हैं लोग ?

अब कोई किसी से यह पूछें कि लोग से@स वर्कर को अपने पास क्यों बुलाते हैं या फिर भी उनके पास क्यों जाते हैं ? सवाल थोड़ा अटपटा है।

अगर आप किसी से सवाल पूछेंगे तो लोग आपको बेवकूफ ही बताएंगे। भला कोई से@स वर्कर के पास क्यों जाता होगा इसका जबाव सब जानते हैं।

लेकिन एक सर्वे के अनुसार इस बात का खुलासा हुआ है कि कुछ लोग सिर्फ बातचीत करने के लिए ही से@स वर्कर के पास जाते हैं या फिर उन्हें अपने पास बुलाते हैं।

यह बात थोड़ी सी अजीब सी जरूर लगेगी लेकिन यह सच्चाई है और सच्चाई का क्या करोगे ?

अब सवाल यह उठता है कि आखिर कोई पुरुष किसी से@स वर्कर को से@स करने की बजाय सिर्फ बातचीत करने के लिए क्यों बुलाना चाहेगा ?

अगर आप जानना चाहते हैं कि कोई पुरुष किसी से@स वर्कर के पास सिर्फ बातचीत करने के लिए ही जाते हैं तो

आइए जानते हैं कि कोई पुरुष यौN कर्मियों को सिर्फ उनसे बातचीत करने के लिए क्यों बुलाते हैं ? उनको इस बात के पैसे क्यों देते हैं ?

किसी परिचित की तुलना में अपरिचित से सारी बातें कह जाना आसान लगना

1- महान विचारक अरस्तु ने कभी कहा था कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और वह समाज के बिना जीवित नहीं रह सकता।

लेकिन हमारे समाज में कुछ ऐसे अंतर्मुखी लोग हैं जिनसे बात करना और संवाद करना बेहद आवश्यक है।

ऐसे लोग अपने प्रियजनों ,मित्रों से अपनी बात न कह पाने के कारण अजनबी उसे अपनी समस्या अक्सर कह जाते हैं।

उसका उन्हें एक सरल उपाय लगता है से@स वर्कर। इनसे अपने दिल की बात कहना आसान लगता है।

ऐसा वे लोग ज्यादा करते हैं जिनसे लोग ज्यादा बात करना पसंद नहीं करते हैं, जिनसे उनके पार्टनर भी बहुत अच्छी बात नहीं करते।

ऐसे लोग जो खुद को अकेला समझ बैठते हैं और जब भी मुसीबत में होते हैं तब उन्हें अपना कोई नजर नहीं आता।

यही कारण है कि वे अपने से@स वर्कर्स को सिर्फ इसीलिए पैसा देते हैं कि दिल की बात सुन सकें। अपने दिल की बात कहने के बाद अच्छा महसूस करते हैं।

2- अपने दिल की बात कहना और बातचीत करना पुरुषों को भी उतना ही अच्छा लगता है जितना महिलाओं को पसंद होता है।

लेकिन जब पुरुषों की बात आती है तो पुरुष अपनी बात साझा करने में काफी हिचकते हैं।

वे राजनीति, यात्रा ,शौक ,खेल आदि विषयों पर तो बातचीत कर सकते हैं लेकिन व्यक्तिगत मामले में डरते हैं।

यह मामला अंतर्मुखमुखी पुरुषों के साथ ही नहीं कभी-कभी बहिर्मुखी पुरुषों के साथ में यह समस्या जाती है कि वह अपने मन की बात किससे कहें।

ऐसे में से@स वर्कर ही उनके लिए आदर्श होते हैं और वे अपने मन की बात कहने के लिए उन्हें बुलाते हैं या फिर उनके पास चले जाते हैं।

कुछ पुरुष इलाज के लिए नहीं जा सकते

हमारे समाज में ऐसे कई घर परिवार हैं जहां पर डॉक्टरों के पास जाना खराब माना जाता है।

उनके परिवार में यह माना जाता है कि यदि आप कमजोर है तभी आपको चिकित्सक की आवश्यकता होती है या फिर हमारे परिवार में मानसिक बीमारी हुई ही नहीं है

कुछ लोगों को लगता है कि जब आपके पास आपको चाहने वाले लोग हैं तो आपको मनोचिकित्सक की आवश्यकता ही नहीं होती।

जब कोई पुरुष भावनात्मक रूप से परेशान हो तब लोग समस्या को समस्या नहीं समझते हैं।

हमारे समाज में यह व्यथा है कि कोई व्यक्ति अपने परिवार के साथ थोड़ा समय बताएगा तो वह ठीक हो जाएगा। ऐसे में लोग के पास नहीं जा पाते और घर में ही रह जाते हैं।

ऐसे में से@स वर्कर को पैसा देकर बुक कर अपनी मन की बात उससे कह देता है। और वह खुद को तसल्ली दे देता है

से@स वर्कर पर भरोसा कर लेते हैं

कई बार दिन पुरुषों के पास बातचीत करने के लिए कोई नहीं होता है वे भी से@स वर्कर के पास चले जाते हैं।

उनसे बात करके उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे कि वे अपने किसी खास दोस्त परिवार वाले से अपने दिल की बात कह रहे हैं।

उससे बात करके भी अच्छा महसूस करते हैं। बहुत से पुरुष से@स वर्कर के पास से@स करने के लिए जाते ही नहीं है।

पुरुषों को लगता है कि यदि हम से@स वर्कर से अपने मन की बात कहेंगे तो उनसे उनकी बात सबके सामने नहीं आएगी। पुरुष सेक्स वर्कर पर भरोसा कर लेते हैं।

अपने जीवन में आई समस्याओं को सुलझाने के लिए कई बार पुरुष अपने परिवारीजन, मित्रों या पत्नी से कहने के बजाय से@स वर्कर से बात करना ज्यादा उचित मानते हैं।

उन्हें लगता है कि यदि उनकी गलतियां का कोई हल नहीं निकला तो कम से कम उन्हें किसी के सामने जलील तो नहीं होना पड़ेगा ।

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