भारत के विदेश मंत्री बोले, नहीं देगें तालिबान को मान्यता

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे को करीब 1 महीना होने को आया है। बहुत सारे देशों ने इस पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया था।

लेकिन भारत में इस पर वेट एंड वॉच की पॉलिसी का अनुसरण किया था।

शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर में तालिबान को लेकर भारत सरकार का रुख साफ कर दिया।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार अफगानिस्तान में तालिबानी राज को सरकार के रूप में मान्यता कभी नहीं देगी।

एस जयशंकर कहते हैं कि अफगानिस्तान में आज जो कुछ भी हो रहा है उससे आप सरकार नहीं कह सकते। यह एक नई व्यवस्था है और इस से ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता।

तालिबान के राज में समाज के सभी वर्गों को बराबर अधिकार नहीं मिल पा रहा है। यहां पर महिलाओं और अल्पसंख्यकों की स्थिति बेहद चिंताजनक है।

इसी शनिवार को ऑस्ट्रेलिया के साथ टू प्लस टू मीटिंग में दोनों देशों ने अफगानिस्तान के हालातों पर चिंता व्यक्त की है।

इस मीटिंग में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल हुए

वहीं ऑस्ट्रेलिया की तरफ से भी विदेश मंत्री मेरी पायने और रक्षा मंत्री पीटर ह्यूटन मौजूद रहे।

दोनों देशों ने एक सुर में अफगानिस्तान में महिलाओं और अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की।

चीन को दिया मुंह तोड़ जबाव

चीन ने भारत ऑस्ट्रेलिया अमेरिका जापान के गठजोड़ को एशियाई नाटो कह कर संबोधित किया था।

लेकिन भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट तौर पर कहा कि हमारे समूह का उद्देश्य साफ है।

हम अपने समूह के माध्यम से कोरोनावायरस के खिलाफ वैक्सीनेशन, सप्लाई चैन और शिक्षा पर बात करते हैं।

इसीलिए हमारे स्क्वायड को एशियाई नाटो कहना बिल्कुल गलत है।

हमारा गठजोड़ राजनायिक गठजोड़ है इसके अलावा और कुछ नहीं। हमारे समूह को नाटो कहना गलत है क्योंकि नाटो शीत युद्ध की शब्द है।

अफगानिस्तान की धरती पर आतंक नहीं पलना चाहिए

टू प्लस टू मीटिंग में दोनों देशों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि अफगानिस्तान की धरती पर आतंक नहीं पलना चाहिए।

इस संबंध में ऑस्ट्रेलिया से भारत में संयुक्त राष्ट्र के बिल संख्या 2593 स्कूल लागू को लेकर चर्चा की थी।

अपनी इस मीटिंग की जानकारी देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया की इस मीटिंग में दोनों देशों ने अफगानिस्तान के हालातों पर विस्तार से चर्चा की। जिसमें महिला अल्पसंख्यकों और समानता जैसे मुद्दे शामिल थे।

आतंक से नहीं होगा कोई समझौता

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार को अमेरिका पर हुए हमले 9/11 के हमला हमें हर पल याद दिलाता है कि चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन आतंक से समझौता नहीं होना चाहिए।

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मेरी पायनो भारत के सुर में सुर मिलाते हुए कहा की अमेरिका के 9/11 हमले को मानव सभ्यता कभी भूल नहीं सकती।

प्रधानमंत्री से की मुलाकात

ऑस्ट्रेलिया से आए दोनों नेताओं ने देर शाम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय व्यापार सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत की ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री मेरी पायनो ने अफगानिस्तान के हालातों पर प्रधानमंत्री से चिंता व्यक्त की।

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