अखबार में इन छोटी बिन्दियों का क्या मतलब है ?

बिंदी का हमारे भारतीय समाज में बेहद महत्व है। कोई बड़ी बिंदी लगाता है तो कोई छोटी बिंदी लगाता है।

चेहरे के हिसाब से सबके चेहरे पर बिंदिया अच्छी लगती हैं।

लेकिन यही बिंदी आपको अखबार में देखने को मिल जाए तो सोच में जरूर पड़ जाते हो कि आखिर इन बिंदियों का क्या मतलब है।

जो अखबार वाले बिना फायदे के एक छोटा सा बिंदु भी अपने अखबार में नहीं लगाते। तब वे इतनी बड़ी बिंदिया कैसे लगा लेते हैं।

अब आप यह तो मत सोचना कि धोखे से लग जाती होंगी, अखबार वाले धोखा नहीं करते।

आइए जानते हैं कि यह सब क्यों होता है

इन सब सवालों के जवाब हम आपके लिए लेकर आए हैं। अखबार वाले आपको यह बताना चाह रहे हैं कि अब ब्लैक एंड बार अखबार का जमाना पीछे निकल गया।

अब रंगीन अखबार आपके साथ हैं। अब हम जमाने से काफी आगे निकल चुके हैं।

अब तो वह जमाना आ गया है कि अगर व्हाट्सएप पर किसी को गुड मॉर्निंग का मैसेज भी करें तो चेहरा लाल पीला हो जाता है तो अखबार वाले क्यों न बदलें ।

अब बात करें बिंदी की तो अखबार का सही पैटर्न बनाने के लिए मार्कर का काम करती हैं ये बिन्दियां। ये निशान बनाती हैं।

बचपन में हमें हमारे शिक्षकों ने यह तो पढ़ाया ही होगा कि मुख्य रंग 3 होते हैं लाल पीला नीला। प्रिंटर इन्हीं रंगों में बनता है।

इसी में एक काला रंग शिफ्ट हो जाता है तो यह बिंदिया चार बन जाती हैं। जो CMYK क्रम में बन जाती हैं। C यानि CYAN मतलब नीला।

M का मतलब Magenta जोकि गुलाबी रंग का हिंदी अनुवाद है। इसके बाद आता है Yellow और अंत में आता है Black।

यदि यह सभी रंग अपने के क्रम में ही लगे रहें तो आप यह मानिए कि अखबार में कोई भी कुछ भी गलती नहीं हुई है।

सभी कलर अपनी एक जगह पर स्थित है और यदि यह रंगीन दूसरे के ऊपर चढ़ जाए तो समझ लीजिए की फोटो खराब हो जाएगी पिक्सेल फट जाएंगे।

अब तो आप जान ही गए होंगे कि अखबार के इन बिंदुओं का क्या मतलब होता है। अब हमसे थैंक यू तो बोल ही सकते हैं नहीं बोले तब भी कोई बात नहीं बस जुड़े रहिए हमारे साथ।

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