जेल से छूटे आर्यन खान को लाइफ कोच की तलाश हो रही है। मिडिल क्लास वाला होता तो चप्पल से सुताई होती।

ड्र@स मामले में आर्यन खान को जमानत मिल चुकी है और उनके माता-पिता को अपने घर ले गए। बताया तो यहां तक जाता है कि आर्यन खान की मां ने आर्यन खान के लिए व्रत रखा था।

लेकिन क्या आप उम्मीद कर सकते हैं कि अगर हमारी आपकी जेल में बंदी हो गई होती तो क्या आपकी हमारी मम्मी दरवाजे पर आरती की थाली लेकर स्वागत करतीं।

आप 22 दिन तक जेल में रहकर आए हैं तो क्या आपके पापा इस सदमे से निकालने के लिए किसी लाइफ कोच तलाश करते।

हमारे रिश्तेदार तो ऐसे होते हैं कि जेल से निकलने के बाद दूसरी जेल में बंद करा देते। कोई हमें आतंकवादी कहता तो कोई माफिया कहता।

हमें यह तो नहीं पता कि आर्यन खान पर लगे आरोपों में कितनी सच्चाई है और कितनी झूठ।

इस बात के लिए हम न्यूज़ चैनल और पुलिस को छोड़ देते हैं। अब हम अपने समाज की तरफ लौटते हैं।

आर्यन खान 28 दिन जेल में रहकर घर लौटे हैं। आर्यन खान को सदमा न लगे या फिर वह किसी तरह से डिप्रेशन का शिकार ना हो जाए, इसके लिए शाहरुख खान तरह-तरह के जतन कर रहे हैं।

उनके लिए लाइफ कोच की तलाश की जा रही है। हमें दर्द सिर्फ इतना है कि आर्यन खान को कितनी सहूलियतें दी जा रही हैं।

लेकिन यदि उनकी जगह हम होते तो हमारे घर वालों ने हमें कूट दिया होता। मम्मी दरवाजे पर चप्पल इंतजार कर रही होतीं।

ऐसा कई बार हो चुका है जब हम बचपन में कई बार बेगुनाह होने पर भी जबरदस्ती कूट दिए गए।

अब आप और हम यही कह सकते हैं कि भी बड़े लोग हैं और उनके ठाठ निराले होते हैं।

हम जब भी किसी शादी वगैरा में जाते हैं तो उनकी चिंता यह नहीं होती कि वहां पर खाने में क्या मिलेगा। बल्कि उनकी चिंता यह होती है कि वहां पर बाथरूम में टिशू पेपर मिलेगा या नहीं।

वे बड़े लोग हैं और उनकी दुनिया में अगर सुबह का भूला शाम को चाहे किसी भी तरह से सही शाम को घर आ जाता है तो उसे भूला नहीं कहते।

पैसे के दम पर उसे सुधार ही लेते हैं। वापस आते हैं तो फिर नई उम्मीद के साथ हमारे सामने आते हैं।

अब हम बात करते हैं अपनी मिडिल क्लास वालों की। अपनी दुनिया की हम अगर उनसे अपनी तुलना करें तो मिडिल क्लास वालों की दुनिया बड़े लोगों की दुनिया से बिल्कुल उलट है।

यदि आप किसी मामले में फंस गए तो आप कहते रहिए कि मैं अपराधी नहीं हूं, मैंने कुछ नहीं किया है कोई भी आप की नहीं सुनेगा।

हम जब भी किसी मामले में फंसते थे तो हमें ऐसा अपराध बोध होता था जैसे हमने कोई बहुत बुरा काम कर दिया हो।

हम बचपन से अपनी जिंदगी में इतना डरा हुआ माहौल देख रहे हैं कि आप पब तो छोड़िए पब्जी भी नहीं खेल पाते।

शाहरुख का बेटा क्रूज में जेल गया है। उसके बाप करवा के वकील कर रहे है।

अब आप सोच कर देखिए कि अगर शाहरुख खान के बेटे की जगह कोई मिडिल क्लास का बेटा सिगरेट के जुर्म में भी पकड़ा जाता है तो क्या वह कान पकड़ कर सॉरी बोलने से बच पाता। चप्पल से सुताई होती।

अजी मम्मी तो छोड़ दो छोटी वाली बहन जिसको ठीक से बोलना भी नहीं आता वह भी सीधे मुंह बात नहीं करती।


कितनी बार कहा है की मत घुमा कर रंगों के साथ याराना करोगे तो यही होगा तेरे कर्मों का हम क्या करें समाज के सामने हम कैसे को दिखाएं

इस तरह की ताने सुनते हुए हमें पागलपन हो जाता और उसके बाद जब अपना मन भर जाता तो पूरा मामला शर्मा जी को ट्रांसफर कर दिया जाता है।

हम अपने लड़के का क्या करें आप ही कुछ समझा दीजिए। उसके बाद शर्मा जी अपने तरीके से वाट लगाते।

शर्मा जी वही है जिनका बेटा पढ़ने में बहुत होशियार है और इसी के बल पर समाज में इज्जत पा रहे हैं।

सुनने में आ रहा है कि जेल से छूटने के बाद आर्यन खान की जिंदगी में काफी बदलाव आया है।

आर्यन खान की मम्मी गौरी खान उनका ख्याल रख रही हैं। आर्यन खान के मम्मी पापा ने आर्यन खान से चिल करने को कहा है।

अब आप अपने बारे में सोच कर देखिए कि अगर आप एक सिगरेट पीते हुए पकड़े जाते हैं तब आपके साथ क्या हाल होता है।

हमें आर्यन खान से कोई जलन नहीं हो रही है लेकिन हम बस इतना कह रहे हैं कि इतना सम्मान और शांति तो हमें उस समय भी नसीब नहीं होती

जब हम किसी परीक्षा में टाॅप कर जाते हैं। आर्यन के पिता शाहरुख खान आर्यन खान के लिए एक लाइफ कोच ढूंढ रहे हैं।

जो आर्यन के घर आकर यह बताएगा कि जो हुआ सो हुआ अब आपको और आपके परिवार को पिछली बातों को भूल जाना चाहिए। और फिर अपने जीवन के पोजिटिव दिशा में आगे बढ़े।

वह आर्यन खान से ज्यादा आर्यन खान के माता-पिता पर फोकस करेगा। वह उन्हें यह बताएगा कि सही पेरेंटिंग क्या होती है ?

उनको यह भी बताया कि आर्यन खान को सही पटरी पर लाने के लिए आपको क्या करना है। हम मिडिल क्लास के साथ में ऐसा नहीं है। हमारी जिंदगी में हर मोड़ पर नई चुनौती और नई परेशानी हैं।

इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि इंसानों की घर से बाहर तकलीफ में हुआ उसने बाहर का सारा गुस्सा अपने बच्चों पर ही निकाला है। हम मिडिल क्लास के लोग हैं।

हमारे लिए ना तो ऐसी कौन सी मशीन है और ना ही ऐसे मां-बाप और ना ही समाज जो बुरे वक्त में काम आए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *