नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम देखकर , रोजाना चार घंटे की पढ़ाई से टाॅप की NEET 2021 की परीक्षा

अभी हाल ही में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(National Testing Agency) ने नीट 2021 के रिजल्ट की घोषणा की है।

इन परिणामों में हैदराबाद के मृणाल कुट्टेरी ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने नीट के परीक्षा में 720 में से 720 अंक प्राप्त किए हैं।


News24 ने उनसे इस संबंध में बातचीत की। उनसे उनकी सफलता का राज जानना चाहा तो मृणाल ने बताया कि जब मैं से पहले टॉपर्स के बारे में बातचीत सुनता था।

तब मैं हैरान रह जाता था कि वह लोग 10 से 12 घंटे पढ़ाई कैसे कर लेते हैं। कोरोनावायरस के दौरान जब मैं घर पर था।

तो मेरे पास फोन, टीवी और लेपटाॅप तीनों ही मौजूद थे। इन तीनों की वजह से मेरा ध्यान भटकता था।

ऐसे में मुझे खुद को पढ़ाई की तरफ ले जाने में काफी संघर्ष करना पड़ता था। परंतु धीरे-धीरे यह सब मेरे कंट्रोल में आता गया।

और फिर बाद में मैंने रोजाना 4 घंटे पढ़ाई करना शुरू कर दी। समान्यतः कोचिंग सेंटर के शिक्षक छात्रों को पहले फिजिक्स नहीं करने की सलाह देते हैं।

परंतु मृणाल ने परीक्षा के दौरान सबसे पहले फिजिक्स को ही हल किया था।

वह कहते हैं कि मुझे लगता है कि आप फिजिक्स को तभी अच्छे से कर सकते हैं जब आपके पास पर्याप्त समय पर है।

बायोलाॅजी मुझे बेहद सरल लगती है इसीलिए मैंने बायोलॉजी को बाद में करने का फैसला किया।

मुझे विश्वास था कि मैं कम समय में ज्यादा से ज्यादा बायोलॉजी हल कर सकता हूं।

मृणाल ने सबसे क्या कहा ?

अक्सर यह देखने में आता है कि जब लोग प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठते हैं। तब वे अपने पिछले साल के टाॅपर के बताए टिप्स को फॉलो करते हैं। मैंने भी इस तरह के कई टिप्स अपने जीवन में फॉलो किए।

मृणाल ने बताया कि जब मैं तैयारी कर रहा था तब मुझे इस बात का एहसास हुआ कि एक स्ट्रक्चर अप्रोच मेरे लिए नहीं है।

मैं बाद में अपने आप को खुशकिस्मत ही कहूंगा कि ना तो मेरे माता-पिता ने और ना ही मेरे शिक्षकों ने मेरे ऊपर किसी तरह का कोई दवाब डाला।

उन्होंने मुझसे मेरे तरीके से पढ़ाई करने को कहा। मृणाल बताते हैं कि वे कक्षा 11 से ही नीट की पढ़ाई कर रहे थे।

कोरोनावायरस के चलते उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हुई परंतु इससे मुझे काफी प्रेरणा भी मिली थी।

मृणाल कहते हैं कि लाॅकडाउन के दौरान जब डॉक्टर दिन-रात एक करके मरीजों की देखभाल कर रहे थे। तब मुझे उनसे बहुत प्रेरणा मिली।

मैंने खुद को उनकी तरह ही बनाने के लिए दिन रात एक कर दिया। मृणाल की इच्छा है कि वह AIIMS दिल्ली में पढ़ाई करें।

मृणाल ने 12वीं में 86.6% मार्क्स प्राप्त किए हैं। मृणाल अपने परिवार में पहले ऐसे शख्स हैं डॉक्टर बनेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *