दीवाली के दिन इन कामों को करने से साल भर नहीं होगी धन-सम्पत्ति की कमीं।

सनातन संस्कृति में विभिन्न त्योहारों का समायोजन है। परंतु इन सभी में दीपावली का त्योहार प्रमुख रूप से मनाया जाता है। इसी दिन भगवान राम रावण का संहार करके अयोध्या वापस लौटे थे।

तब से लेकर आज तक सनातन संस्कृति में हर घर में दीए जलाए जाते हैं। दीप जलाने के साथ-साथ मां लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है।

भारत विभिन्न परंपराओं और संस्कृति का देश है। यही कारण है कि बंगाल में दिवाली के दिन मां काली की पूजा की जाती है।

भारत में दिवाली को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। दिवाली को दीपों का त्यौहार भी कहा जाता है।

हिंदू धर्म यानी सनातन धर्म को मानने वाले लोग अपने घर में मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं।

सनातन धर्म के लोग मानते हैं कि मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में किसी प्रकार की आर्थिक तंगी नहीं होती है।

परंतु ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि मां लक्ष्मी की पूजा करने भर से ही सब कुछ नहीं होता।

आपको चाहिए कि मां लक्ष्मी की पूजा सही मूल मुहूर्त में और सही ढंग से की जाए तो इसका मनवांछित फल भी प्राप्त होता है। मां लक्ष्मी की इच्छा अनुसार पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा अपने भक्तों पर बनी रहती है।

जानकारों की माने तो दीपावली से पहले पुष्य नक्षत्र खरीदारी के लिए बेहद शुभ माना जाता है।

कहा जाता है कि इस दिन दीपावली की खरीदारी करने से घर में धन-धान्य की बढ़ोतरी होती है।

हमारी संस्कृति में यह परंपरा रही है कि इस दिन बर्तन सोना चांदी गाड़ी खरीदने से घर में तरक्की होती है।

दीपावली के दिन सभी लोगों को परिवार सहित अपने आराध्य देवता के साथ-साथ अपने कुलदेवता की भी आराधना करनी चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा आप पर सदैव बनी रहती है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा करने वालों के घर में धन की कोई कमी नहीं रहती है और दरिद्रता कोसों दूर रहती है।

पुष्य नक्षत्र में खरीदारी

ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का कहना है कि पुष्य नक्षत्र में आपकी दुकान के बही खातों के साथ-साथ आप का जो भी व्यवसाय है ,

उसकी महत्वपूर्ण चीजें आपको अपने प्रतिष्ठान में रखनी चाहिए।

ऐसा करना बेहद शुभ और लाभप्रद माना जाता है। पुष्य नक्षत्र में सोना चांदी आभूषण खरीदना शुभ का जाता है।

अगर हम पुष्य नक्षत्र के शुभ समय की बात करें तो सुबह 9:00 बजे से 12:00 बजे तक और

उसके बाद दोपहर 1:30 से 3:00 तक फिर शाम को 7:30 से रात 9:01 बजे तक खरीदारी करना बेहद लाभप्रद और शुभ कहा गया है

ज्योतिष विद्या के जानकारों का कहना है कि रवि पुष्य नक्षत्र के शुभ अवसर पर अगर जातक एकाक्षी नारियल का पूजन करते हैं तो उनके घर में कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

एकाक्षी नारियल ऐसा नारियल होता है जिस पर एक आंख का आकार बना होता है। ऐसा माना जाता है कि यह नारियल साक्षात लक्ष्मी का नारियल होता है।

यही कारण है कि रवि पुष्य नक्षत्र में विधि विधान से यदि एकाक्षी नारियल की आराधना करने की जाए तो माँ लक्ष्मी आपसे सदैव प्रसन्न रहेंगी और आप की तिजोरी में धन दौलत से भरी रखेंगी।

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