श्रीलंका की इस पहाड़ी पर आज भी सुरक्षित रखा है रावण का शव। जानिए इसका रहस्य क्या है ?

सनातन धर्म में रामायण का एक विशेष महत्व है। रामायण में जितने भी पात्र हैं उनके बारे उनकी वीरता के चर्चे हर कोई करता है।

विद्वानों का मानना है कि रामायण के साक्ष्य आज भी श्रीलंका में मौजूद हैं। श्रीलंका में भगवान राम और रावण के साक्ष्य आज ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

दुनिया भर से लोग रामायण से जुड़े रहस्यों को जानने के लिए आज भी श्रीलंका में जाते हैं। और वहां की जुड़ी सच्चाई को जानने और समझने का प्रयास करते हैं।

नवरात्र की समाप्ति के बाद दशहरा की दसवीं को दशहरा का आयोजन किया जाता है, जिसे हिंदू परंपरा में विजयदशमी कहा जाता है।

दशहरा के दिन ही भगवान राम ने रावण को मारकर श्रीलंका की जनता को रावण के आतंक से मुक्त कराया था।

आधुनिक पुरातत्व विभाग श्रीलंका ने ऐसे 50 स्थानों को चिन्हित किया है,जिनका संबंध रामायण काल से है। इस संबंध में की गई रिसर्च के अनुसार श्रीलंका में एक ऐसी पहाड़ी मौजूद है ,

जहां रावण का शव आज भी सुरक्षित रखा हुआ है। यह गुफा है श्रीलंका के रेगुला के घने जंगलों में।

भगवान राम द्वारा रावण का वध किए करीब 10 हजार साल से ज्यादा हो गए हैं लेकिन आज भी उसका शव इस गुफा में सुरक्षित रखा गया है।

रावण का शव रेगुला के जिन जंगलों में रखा गया है वहां की ऊंचाई करीब 8000 सीट है।

बताया जाता है कि रावण के शव को एक ताबूत में रखा गया है जिस पर एक विशेष प्रकार का लेप लगाया गया है।

इसी का परिणाम है कि इतने समय बाद भी रावण का शव बिल्कुल सुरक्षित है।

इस संबंध में शोध करने वाली टीम इंटरनेशनल रामायण रिसर्च सेंटर है जो श्रीलंका से ही संबंधित है।

इस टीम की मानें तो रावण का शव 18 फुट लंबे और 5 फीट चौड़े ताबूत में रखा गया है।

इस टीम का तो यहां तक कहना है कि रावण के ताबूत के नीचे बेशकीमती खजाना छुपा हुआ है। खजाने की रखवाली जहरीले नाग और खतरनाक जानवर करते हैं।

बताया जाता है कि जब भगवान राम ने रावण का वध किया था तो भगवान राम ने रावण के अंतिम संस्कार को रावण का शव विभीषण को सौंप दिया था।

परंतु अपने राज्याभिषेक कराने की जल्दी में विभीषण ने रावण का अंतिम संस्कार नहीं किया था। रावण के शव को क्षत-विक्षिप्त शव को ऐसे ही पड़ा रहने दिया।

कुछ समय बाद नागकुल के कुछ लोग रावण के शव को अपने साथ ले गए।

इस कुल के लोगों का यह माना था कि रावण की मृत्यु क्षणिक है। वह कुछ समय बाद दोबारा से जीवित हो जाएगा। लेकिन उनका यह विश्वास टूट गया।

उन्होंने रावण के शव को ममी बना दिया ताकि उसका शव सालों साल सुरक्षित रहे। इतना ही नहीं इस रिसर्च में रावण की अशोक वाटिका,

रावण का पुष्पक विमान के अलावा भगवान राम के और हनुमान के कुछ चिन्ह भी इस रिसर्च में खोजे गए हैं परंतु अभी तक इस बात की प्रमाणिकता सिद्ध नहीं हो पाई है।

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