भारत में शुरु होने जा रही है 6G तकनीक। आइए जानते हैं इस नेटवर्क की खास बातें।

भारत में टेलीकॉम के क्षेत्र में नई क्रांति आने जा रही है। सैमसंग हुआवेई और

एलजी समेत कई बड़ी कंपनी कंपनियों ने 6G टेक्नोलॉजी पर काम करते हुए आगे कदम बढ़ाया है।

6G टेक्नोलॉजी के बारे में बताया जाता है कि यह 5जी से करीब 50 गुना तेज गति से काम करेगा। यह 2028 से 2030 के बीच भारत में लांच होने की संभावना है।

मिली जानकारी के अनुस 5G की पीक डाटा डाउनलोड स्पीड करीब 20 गीगाबाइट प्रति सेकंड है। भारत में फिलहाल सभी टेलीकॉम कंपनियां 5G पर काम कर रही हैं।

यह आशा जताई जा रही है कि भारत में 5G सर्विस अगले साल 2022 तक लांच होने की संभावना है।

पूरी तरह से जनता को समर्पित किए जाने से पहले ही पर काम किए जाने की खबरें बाजार में आ रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारत ने 6G पर काम शुरू किया जा चुका है।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार 6G में इंटरनेट स्पीड 5G से करीब 50 गुना ज्यादा तेज है।

भारत में 6G

भारत सरकार के टेलीकॉम सेक्रेटरी के• राजारमण ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 6G से जुड़ी तमाम बातों पर विचार किया जा रहा है।

ताकि 6G को दुनियाभर के बाजार में उतरने के साथ-साथ भारत में भी इसको अच्छे से लांच किया जा सके। भारत में 6G की टेस्टिंग लगातार चल रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2019 में दक्षिण कोरिया, चीन और अमेरिका में 5G नेटवर्क को लॉन्च किया जा चुका है।

हालांकि एयरटेल, vodafone-idea ने अपने ट्रायल में 3.7 जीपीएस की हाई स्पीड हासिल करने का दावा किया है।

सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स ने एक बयान जारी किया है।

जिसमें कहा है कि उन्होंने 6G और भविष्य की अन्य तकनीकों पर काम शुरू करना शुरू कर दिया है।

ऐसा इसलिए किया गया है ताकि समय पर विश्व बाजार से तालमेल अच्छे से बैठाया जा सके।

5G की स्पीड

भारत में 6G लॉन्च करने की बात की जा रही है। लेकिन अब तक 5G की टेस्टिंग चल रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें 5G नेटवर्क अधिकतम 200 GBPS का डाटा डाउनलोड करने की गति दे सकता है। लेकिन भारत में फिलहाल 3.7 जीबीपीएस डाउनलोड गति पहुंच चुकी है।

इस मामले में अभी तक तीनों कंपनियों एयरटेल जियो और वीआई ने इस पर अपना काम करना शुरू कर दिया है।

6G स्पीड

6G भविष्य की तकनीक है। 6G नेटवर्क ऐसा नेटवर्क होगा जो शायद 4G पर भी चल सकेगा।

वर्तमान में millimeter-wave 5G नेटवर्क पर स्थापित किए जा रहा है।

संशोधित बुनियादी ढांचे और हायर क्षमता पर कार्य किया जा रहा है।

हाई फ्रिकवेंसी वाले रेडियो बैंड का उपयोग करते हुए यह नेटवर्क बहुत ज्यादा तेज स्पीड और लो लेटेंसी पर कार्य कर सकता है।

इतना ही नहीं यह न केवल रिफाइन मोबाइल डिवाइस बल्कि ऑटोमेटिक कारों जैसे सिस्टम का सपोर्ट करने में सक्षम होगा।

अगर विशेषज्ञों की माने तो 5G नेटवर्क की अधिकतम क्षमता 1000 जीबीपीएस डाटा डाउनलोड कर सकता है

यानि अगर कोई व्यक्ति से 6G नेटवर्क में बैठा है तो वह मात्र 51 सेकंड में सिर्फ 6 जीबी फिल्म डाउनलोड कर सकता है।

मिली जानकारी के अनुसार एलजी ने 6G पर अपने प्राइस लिस्ट शुरू कर दिए हैं।

कंपनी ने जर्मनी में 6G नेटवर्क पर अपना काम शुरू किया था।

बताया जाता है कि उसने 100 मीटर की दूरी पर 6G नेटवर्क में डाटा भेजा और रिसीव किया और इसमें उनको किसी तरह की कोई समस्या का सामना नहीं करना पड़ा था।

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