वाॅलीवुड में कैरियर नहीं बना सकी तो अंडरवर्ल्ड में जमा लिया सिक्का

जब अंडरवर्ल्ड की बात आती है तो उसमें दाऊद इब्राहिम, बबलू श्रीवास्तव, करीम टुंडा, छोटा शकील जैसे कई नाम सामने आते हैं।

लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि कोई महिला भी अंडरवर्ल्ड में अपना सिक्का जमा सकती है।

जी हां भारत की अर्चना बालमुकुंद शर्मा, जिसने नवोदय से अपनी पढ़ाई की शुरुआत की और अंडरवर्ल्ड के जिस मुकाम तक पहुंच सकती है आप सोच नहीं सकते।

अर्चना बालमुकुंद शर्मा ने नवोदय स्कूल से अपनी प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की थी।

उसके बाद लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी। अर्चना फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने में माहिर थी।

बॉलीवुड में एक्ट्रेस बनने का सपना लिए अर्चना मुंबई आ गई। मुंबई में उसने कुछ छोटे-मोटे एल्बम्स में भी काम किया था।

लेकिन वह इसी दौरान लखनऊ के ही अपने कुछ मित्रों के संपर्क में आ गई जो कि मुंबई में रहते थे। उनमें से एक अंडरवर्ल्ड का डॉन भी था।

बस यहीं से अर्चना की जिंदगी बदल गई और वह लड़की जो कभी बॉलीवुड अभिनेत्री बनना चाहती थी अंडरवर्ल्ड के लेडी डॉन बन गई।

पुलिस चार्ज शीट के मुताबिक अर्चना कोई बहुत ज्यादा अमीर परिवार से संपर्क संबंध नहीं रखती थी।

वह लोअर मिडल क्लास की पली-बढ़ी लड़की थी। जब वह लखनऊ में अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर रही थी।

तब वह अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव के संपर्क में किसी तरह से आ गई। यह जमाना था जब 1990 के पूर्वार्ध में अंडरवर्ल्ड में बबलू श्रीवास्तव का सिक्का चलता था।

बताया जाता है कि अर्चना को जब तमाम संघर्षों के बाद भी बॉलीवुड में सफल अभिनेत्री का तमगा हासिल नहीं कर पाई तो उसने फिर दुबई की तरफ रुख किया। दुबई जाने में भी बबलू श्रीवास्तव ने इसका सपोर्ट किया था।

अर्चना बालमुकुंद शर्मा ने दुबई में एक कपड़ों का छोटा सा स्टोर खोल लिया।

ऐसा कहा जाता है कि बबलू श्रीवास्तव ने ही उसे स्टोर खोलने के पैसे दिए थे।

पुलिस के खुफिया सूत्रों के मुताबिक बबलू श्रीवास्तव और अर्चना काफी समय तक एक ही फ्लैट में दुबई में रह रहे थे।

वहीं पर अर्चना शर्मा की मुलाकात अंडरवर्ल्ड के गोगा और फैजल से हुई। 1996 में इंटरपोल ने बबलू श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया।

इसकी गिरफ्तारी सिंगापुर में हुई थी। सिंगापुर से भारत की प्रत्यर्पण संधि होने के कारण इसे भारत ले आया गया।

जब बबलू श्रीवास्तव भारत आ गया तो उसके साथ ही दुबई का कारोबार बंद करके अर्चना शर्मा भी भारत लौट आई और यहां पर बबलू का कारोबार देखने लगी।

जब बबलू श्रीवास्तव जेल चला गया था अर्चना फैजल के साथ मिलकर उसका गेंग चलाने लगी।

अर्चना शर्मा का नाम सबसे पहले साल 1997 में कि$नैपिंग, ब्लैक मेलिंग और धन उगाही में सामने आया था।

एक व्यक्ति को मारने के सिलसिले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। लेकिन वह जमानत पर बाहर आ गई।

बाहर आने के बाद पुणे से कहां गायब हो गई किसी को नहीं पता चला। इसी दौरान अर्चना शर्मा का नाम लादकत की जान लेने की मामले में भी उसका नाम चला था।

इसके बाद पुलिस ने गहनता से उसके बारे में जानकारी ली तो पता लगा कि उसका अगला निशाना राजू पुनवानी था जोकि एक होटल का मालिक था वह पुनवानी के दोस्त के संपर्क में आ गई थी। उसके जान देने की योजना भी पूरी कर ली थी।

पुलिस ने मौका रहते अर्चना शर्मा के करीबी नलिनी चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। उससे पुलिस को यह जानकारी हुई कि अर्चना शर्मा भी भी भारत में ही है।

तब से अर्चना शर्मा एकदम से भारत से गायब हो गई। बाद में पता लगा कि दाऊद फैजल भी के साथ काम करने लगा था।

सागर लदकत को जान से मारने का मामला

सागर पुणे का रहने वाले थे और एक पेट्रोल पंप के मालिक थे। सागर कोरेगांव पार्क में रहते थे और पुणे की सोमवार पेठ में उनका पेट्रोल पंप है।

बात 22 मार्च 1998 की है जब फजल उर रहमान के गैंग ने सागर पुणे को उनकी कार के साथ अगवा कर लिया। उनकी जान लेने के बाद ऐसे ही छोड़कर भाग गए।

पुलिस ने जब इस मामले की गहनता से जांच की तब पुलिस को पता लगा कि अर्चना शर्मा इस समय पुणे में ही मौजूद थी।

इसी के निर्देशन में इस पूरी घटना को अंजाम दिया है। अर्चना शर्मा ने सागर की जान लेने के लिए बिहार से अपराधियों को बुलाया था।

इतना ही नहीं इस घटना में एक गोगा और फैजल का नाम भी सामने आए थे।

साथ ही यह पाया गया कि दो लोगों ने लगातार 34 दिन तक सागर के घर की रेकी भी की ओर पेट्रोल पंप की रेकी की थी।

इस घटना के बाद से अर्चना भारत छोड़कर भाग गई। बाद में पुलिस को सूचना मिली कि अर्चना नेपाल में रह रही है।

सन 2010 में यह खबरें आई थीं कि अर्चना शर्मा इंटरनेशनल ड्र@स कार्टेल में एक ड्र@स कंसाइनमेंट के साथ दुश्मनी हो गई थी। इसी दुश्मनी के चलते अर्चना की नेपाल में ही किसी ने जान ले ली थी

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