कहीं नासूर न बन जाए एक तरफा मुहब्बत। ऐसे बचाएं खुद को

एक पुरानी कहावत है कि दो तरफा मोहब्बत जितना आनंद देती है एक तरफा मोहब्बत उतना ही कष्ट देती है।

अगर किसी लड़की और लड़के के मन में एक तरफा मोहब्बत का दिया जल रहा है तो यह बेहद गंभीर विषय है। हम समझ नहीं पाते हैं कि एक तरफा मोहब्बत का अंत बुरा है।

विपरीत के लिंग के प्रति आकर्षण मानवीय स्वभाव है। इंसान को अपने जज्बातों पर काबू कर पाना असंभव सा हो जाता है।

नींव क्या है एकतरफा प्यार की

जब कोई जवान लड़का या लड़की किसी विपरीत लिंग के साथ समय बिताते हैं।

एक दूसरे से ज्यादा बात करते हैं तो कहीं ना कहीं भी एक दूसरे के प्रति आकर्षित होने लगते हैं। लेकिन यदि आकर्षण प्रेम में तब्दील होने लगे तो आपको यह चेतावनी है।

आपको अपने आप पर काबू पाने का समय है। एक तरफा प्यार की कोई लिमिट नहीं होती।

यह कब कहां और कैसे शुरू हो जाए ? यह दोस्त से भी हो सकती है और जरा सी जान पहचान से भी।

कभी-कभी ऐसा भी होता है जब सामने वालों से हमारे विचारों का मेल खा जाते हैं तो उसको हम प्यार समझ लेते हैं। अगर हम गहराइयों से देखें तो यह आकर्षण ही होता है इससे ज्यादा कुछ नहीं।

ऐसी स्थिति में हर व्यक्ति को यह समझने की और सोचने की जरूरत होती है कि जितना हम उसके प्रति आकर्षित हैं, हम उससे मिलने के लिए जितने लालायित रहते हैं।

वह भी उतना ही लालायित हमसे मिलने के लिए रहता है। यदि आप ऐसा महसूस कर रहे हैं कि वह ऐसा नहीं करता तब इसे प्यार का नाम न दें।

फिर इस बात को आप को समझ लेना चाहिए कि एक तरफा प्यार की कभी कोई उम्र नहीं होती ताउम्र चलता रहता है।

पागलपन की हदें लांघ जाता है एक तरफा प्यार

हम जिस भारतीय समाज में रह रहे हैं यह समाज कहीं तो बहुत ज्यादा आधुनिक है और कहीं पर यह संकुचित मानसिकता का शिकार है।

ऐसे में एक तरफा प्रेम का शिकार व्यक्ति बहुत ही गलत घटनाओं को अंजाम दे देता है।

कई बार एक तरफा प्रेम की शिकारी लड़कियों के चेहरे पर खराब केमिकल डालकर उनका चेहरा खराब कर देते हैं।

कई बार तो ऐसी घटना की सामने आए हैं कि एक तरफा प्रेम का शिकार व्यक्ति पेट्रोल भी डाल देता है। यह घटना और कुछ नहीं बस समाज के संक्षिप्त मानसिकता का परिणाम है।

इस कोई व्यक्ति एक तरफा प्रेम का शिकार हो तो उसे जब आप अच्छे से समझ लेनी चाहिए कि एक तरफा प्यार है तो है लेकिन उसे पागलपन की हद ना बनाएं।

एकतरफा प्यार क्यों होता है

इस संसार के हर शख्स को एक तरफा प्यार हो सकता है। इस संबंध में मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि एक तरफा प्रेम महज एक आकर्षण से ज्यादा कुछ नहीं होता है।

हम अपने मन में कभी-2 कुछ चीजों की कल्पना करते हैं और जब हमें उनसे मिली-जुली चीजें मिल जाती हैं। तब हम उन्हें अपना बनाने में जुट जाते हैं।

एकतरफा प्यार का असली मतलब यही है। यदि कोई प्यार का नाम दे तो यह वेवकूफी और पागलपन से ज्यादा कुछ नहीं हो सकता।

यदि कोई व्यक्ति इस आकर्षण में पड़कर उस चीज को हासिल करने का प्रयास करता है तो वह सिर्फ तकलीफ ही प्राप्त करेगा।

जो व्यक्ति भावनाओं का एकतरफा खेल खेलता है वह कभी सफल नहीं होता। व्यक्ति को चाहिए कि इस चीज को समझें और इनसे बचने का प्रयास करें।

खुद को कैसे बचाएं

हर इंसान को यह बात अच्छे से समझ लेना चाहिए कि एक तरफा कभी किसी अंजाम तक नहीं पहुंचता।

इसीलिए आपको इस स्थिति को में खुद को संभालना चाहिए और बच कर निकल जाना चाहिए।

कई बार एकतरफा प्यार में पागल इंसान खुद को बहुत ज्यादा उत्तेजित कर लेता है जो पागलपन की हद में चला जाता है। इसीलिए खुद को इस तरह की स्थिति से बचाना चाहिए।

किसी भी व्यक्ति को यदि किसी महिला या पुरुष के प्रति आकर्षण है। चाहे वह शख्स शादीशुदा है या फिर कुंवारा है यह किसी और से इंगेज है।

यदि वह शख्स आपके प्रति किसी तरह का लगाव या प्रेम नहीं रखता है तब आपको ऐसे इंसान से दूरी बना लेनी चाहिए। नहीं तो फिर समय के साथ-साथ आकर्षण बढ़ता जाता है।

ऐसी स्थिति से खुद को निकालने के लिए खुद को मजबूत बनाएं। अपने मन को स्थिर करने के लिए आप योग का सहारा भी ले सकते हैं।

यदि आपका किसी शख्स के प्रति आकर्षण बढ़ गया है और उस शख्स को आप के प्रति आकर्षण ही हैं।

तब आपको चाहिए कि दूसरे दोस्तों के साथ समय बताएं। आप जो भी करना चाहते हैं उसे करें। हो सके तो अन्य मित्रों के साथ पूर्व पर निकल जाए।

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