देवानंद और सुरैया के प्रेम की अधूरी कहानी

“मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया,हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया।” हां, यह कहानी है मशहूर अभिनेता देवानंद की और उनकी प्रेमिका सुरैया की।

जवानी जैसे हर किसी को प्यार होता है, देवानंद और सुरैया को भी हुआ, परंतु उनका प्यार कामयाब नहीं हुआ।

आज भी जब कोई प्रेमी जोड़ा बॉलीवुड में शादी करता है या किसी के लव रिलेशनशिप की खबरें उड़ती है तो देवानंद और सुरैया हमेशा ही याद किए जाते हैं।

आज हम आपको बताने जा रहे है कि क्या कहानी थी, देवानन्द और सुरैया की और कैसे इनका प्यार कामयाब होते-होते रह गया ?

यहां से हुई थी प्यार की शुरुआत

सन 1948 में जब देवानंद ने अपने करियर की शुरुआत की थी तब वह मात्र 25 साल के थे और सुरैया का करियर काफी हाई लेवल पर था।

सुरैया अपनी जिंदगी में कामयाबी के शिखर पर थी और देव आनंद ने अपना करियर की शुरुआत की थी यानी कि वह स्ट्रगल कर रहे थे। परंतु इसी दौर में उनकी फिल्म आई थी विद्या।

इसी फिल्म के सेट पर वह सुरैया से पहली बार मिले थे, इसी एक मुलाकात से सुरैया उनके मन को भाने लगी थी, यही से शुरुआत हुई उनकी लव स्टोरी की।

सुर्खियों में आया कि फिल्म ‘जीत’ के सेट पर देवानंद ने अपने प्यार का इजहार करते हुए सुरैया को ₹   3000 के हीरे की अंगूठी देकर उनसे अपने प्यार का इजहार किया और सुरैया ने भी इस रिश्ते के लिए राजी होते हुए उन्होंने इसके लिए हां कहा।

परंतु आगे चलकर इनका रिश्ता शादी होने तक नहीं पहुंच पाया, लेकिन शादी की बात तक पहुंचा।

अपनी आत्मकथा में किया अपने प्यार को स्वीकार

देवानंद ने खुद अपनी आत्मकथा रोमांसिंग विद लाइफ में यह स्पष्ट स्वीकार किया कि वह सुरैया को चाहते थे और शादी करना चाहते थे परन्तु जब सुरैया ने इस रिश्ते के लिए ना किया तो वहां काफी मायूस हो गए थे।

देवानंद ने अपने एक इंटरव्यू में ये बात कही थी कि वह अपने प्यार के लिए बहुत सीरियस थे और उनके (सुरैया) के मना करने पर वह बहुत दुखी हुए।

देवानंद और सुरैया की मुलाकात होने लगी थी और जल्द ही दोनों को यह पहचानने में देर भी नहीं लगी कि वह दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे है।

इसी तरह दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने की कोशिश की परंतु समाज और परिवार की वजह से दोनों को बिछड़ना पड़ा।

देवानंद और सुरैया ना सिर्फ वे ही एक दूसरे को चाहते थे बल्कि उनको चाहने वाले भी उनके रिश्ते के लिए चाहते थे कि वहां दोनों एक हो जाएं।

परंतु उनके नाकामयाब रिश्ते की सबसे बड़ी वजह थी उनका धर्म। वे दोनों अलग-अलग धर्म से थे,

जिसकी वजह से हैं उनकी ग्रैंड मदर उनके रिश्ते को कभी भी सपोर्ट नहीं किया और यह एक बड़ी वजह बनी दोनों के अलग होने की।

इस कारण हुए थे दोनों अलग

इन दोनों अभिनेता और अभिनेत्री के प्यार को उनकी मां ने कुछ हद तक स्वीकार किया और लोगों ने भी इनकी जोड़ी को टीवी स्क्रीन पर पसंद किया, परंतु सुरैया की दादी इस रिश्ते से खुश नहीं थी !

जब इनकी जोड़ी चर्चा में आने लगी और पत्रकारों के समाचार पत्र की हेडिंग बनने लगी थी तब सुरैया के परिवार ने इसको स्वीकार नहीं किया ।

सुरैया की दादी इस रिश्ते के टूटने की मुख्य वजह बनी है और इस बात को देवानंद ने खुद दिए गए एक इंटरव्यू में स्वीकार किया

कि जब सुरैया ने अपनी दादी के कहने पर इस रिश्ते के लिए “नो” कह दिया था तब वहां बहुत मायूस हो गए।

सुरैया की ग्रांड मदर ने सुरैया के और देवानंद के रिश्ते का हमेशा खुलकर विरोध किया है और

उन्होंने ही देवानंद को हिदायत दी कि वह सुरैया से दूर रहें। यह एक मुख्य वजह थी दोनों के अलग होने की।

हालांकि जब इनका रिश्ता दुनिया के सामने आया और इनके प्यार की खबरें अखबार में छपने लगी थी तब यह दोनों के रिश्ते को लेकर एक धार्मिक मुद्दा भी बनने लगा।

हिंदू और मुसलमान का जिसकी वजह से इन दोनों का अलग होना लाज़मी था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *