ससुराल वालों के झगड़ों से यदि परेशान हैं तो इन तरीकों की मदद से खुद को कूल करने का प्रयास करें

शादी दो दिलों का ही नहीं बल्कि दो परिवारों का भी मिलन होता है। जब किसी लड़की की नई-नई शादी होती है और वह अपनी ससुराल में नई-नई जाती है।

तब उसे तमाम तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उसे कई बार अपने पति के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों का भी स्वभाव व्यवहार पता नहीं होता है।

किसी नई नवेली दुल्हन के लिए ऐसे में सबके साथ सामंजस्य बैठाना बहुत कठिन हो जाता है। परिवार में यदि सभी लोग अच्छे मिल जाए तब तो कोई बात नहीं।

लेकिन यह भी किसी लड़की के सास-ससुर या फिर ननद ताना देने वाली मिल जाए या

फिर बात-बात पर चिकचिक करने वाली मिल जाए तब किसी भी लड़की का अपने घर में जीना मुश्किल हो जाता है।

यदि परिवार में कभी-कभार छोटी-मोटी बहस हो जाए तब तो कोई बात नहीं क्योंकि यह जिंदगी का हिस्सा है। परंतु यदि यह विवाद हद से ज्यादा बढ़ जाए तब यह मामला गंभीर हो जाता है।

हमारे समाज में आज भी ऐसे लोग मौजूद है जो अपनी बहू को अपनी बेटी की तरह नहीं मानते।

यही कारण है कि इनमें नोकझोंक शुरू हो जाती है। कभी-कभी तो बात इतनी बढ़ जाती है कि मामला तालक तक आ जाता है।

कुछ लड़कियां तो इस माहौल से इतनी ज्यादा डिप्रेशन में आ जाती है कि जो खुद को खत्म तक कर लेती हैं।

तो आइए जानते हैं कि ऐसे माहौल में महिलाएं खुद को कैसे शांत रखें। बात करते हैं ऐसे टिप्स के बारे में

खुद लें खुद से जुड़े फैंसले

अपने ससुराल वालों के साथ तालमेल बैठाना हर लड़की का दायित्व है। लेकिन कभी-कभी जीवन में ऐसी परिस्थितियां भी होती हैं जब आपको खुद से जुड़े फैसले लेने ही होते हैं।

उन फैसलों में आपको किसी को शामिल करने की आवश्यकता नहीं है।

जैसे नौकरी करने और कपड़ों के चुनाव के संबंध में। आपको चाहिए कि इस तरह के फैसले अपने सास-ससुर पर न छोड़ें।

यदि आप हर बात में अपने सास-ससुर की हां में हां मिलाएंगे तब आपको भविष्य में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपको चाहिए कि गलत बात का विरोध करें समर्थन नहीं।

पति को दें भरपूर प्यार

कोई भी महिला अपने ससुराल में सिर्फ अपने पति की बदौलत ही वहां पर है।

हर महिला को चाहिए कि भले ही सास या ससुर से किसी बात पर दुखी हो जाएं लेकिन अपने पति के साथ प्यार भरा संबंध ही स्थापित रखें।

आप जब भी अपने पति के साथ अकेले में हो तब उन्हें अपना पक्ष जरूर रखें।

यदि किसी बात का आपके पति और आप में मतभेद है तो उन पर शांति से बात करें ,झगड़ा कतई ना करें। यदि आप अपनी हर बात मानने पर जोर देंगे तो इससे आप दोनों के संबंधों में भी खटास आने की पूरी संभावना है।

यदि कोई बुराई भी करे तो चुप रहिए

हमारे समाज में ऐसे तमाम लोग मौजूद हैं जो अपने घरवालों की बुराइयां खासकर अपनी बहुओं की बुराई रिश्तेदारों और मोहल्ले वालों के सामने खूब करती हैं।

यदि आपके साथ भी इस तरह की बातें हो रही हैं तब आपको चाहिए कि आप इस माहौल में बिल्कुल शांत रहें। अपनी सास की किसी भी बुराई पर कोई प्रतिक्रिया ना दें।

आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखें जो आपके बारे में गलत बोलते हैं।

धीरे-धीरे उन लोगों को भी आपके बारे में सही आकलन हो जाएगा और वे अपनी बुराइयां करना बंद कर देंगे।

माहौल को स्ट्रेस न होने दें

कई बार ऐसा होता है कि आप की ससुराल वाले आपके मायके वालों की किसी न किसी बात को लेकर मजाक उड़ाते रहते हैं। तब आपको ऐसी परिस्थिति में खुद को शांत रखना।

उनकी किसी भी बात का जवाब दिए बिना उसको हंस कर टाल देना चाहिए। कभी कभी आपको ऐसा ना आपके परिवार वालों का कॉन्फिडेंस डाउन होगा।

दिल दुखे तो खुल कर कहें

कभी-कभी सास और ननद की आदत होती है पीठ पीछे अपने घर की बहू की बुराई करना।

कई बार आपको आपकी सास और ससुर की बुराइयों के बारे में कोई ना कोई बता ही देता है तो आपको स्वाभाविक है कि इसका बुरा लगे।

यदि आपके साथ ऐसा हुआ है तब आपको अपनी फीलिंग को छुपाना नहीं चाहिए।

बल्कि अपने परिवार को और अपने पति को इस बारे में खुलकर बताएं। कई बार बातों को लगातार अपने मन में दबाए रखने से इन्हें गंभीर हो जाती है।

इसीलिए यदि आपको किसी बात में दुखी किया है तब आपको इस बारे में खुलकर बात करनी चाहिए।

सबको न बताएं

हो सकता है कि कोई महिला अपनी ससुराल में खुश ना हो तो उसे चाहिए कि वह इस बात को हर किसी के सामने जाहिर ना करे।

यदि आपको अपने ससुराल वालों के साथ किसी शादी फंक्शन में जाना पड़े तब वहां सबके साथ घुल मिलकर ही रहे।

यदि आप उनके साथ अच्छा व्यवहार सब के सामने अच्छा व्यवहार करेंगे। तो हो सकता है कि उनका दिन पहले और आपके प्रति अच्छा व्यवहार करने लग जाए।

अंत में हम एक बात और कहना चाहेंगे परिवार है तो हल्की-फुल्की नोकझोंक तो होती ही रहेगी लेकिन यदि बात एक हद से ज्यादा बढ़ जाए तो उसे बरदाश्त न करें। ऐसी स्थिति में कोई भी गलत कदम ना उठाएं।

आपको चाहिए की सारी बातें अपने परिवार वालों से कहें। और बैठकर सभी मुद्दों पर बात करनी चाहिए।

यदि फिर भी दिया सामान्य ना हो तो पुलिस की मदद लेने से जरा भी नहीं झिझकें।

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