क्या आप भी बनना चाहते हैं फ्रीलांसर्स ? आइए जानते हैं इसके नफा और नुकसान ।

कोरोनावायरस महामारी ने हम सब का जीवन बदल कर रख दिया है। हमारी सारी गलतफहमियां को कोरोनावायरस ने साफ कर दिया है।

इस कोरोनावायरस में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हम सभी को प्रभावित किया है। इन सब में सभी शामिल है।

कोरोना से पहले हम सभी के बीच एक सोच घर करने लगी थी कि ऑफिस और रेगुलर वर्क पर ही सबसे अच्छा विकल्प है

लेकिन इस बीमारी के आने के बाद फ्रीलांसर्स और रिमोट वर्क का जलन और महत्व बहुत तेजी से बढ़ा है आजकल सभी कंपनियां रिमोट वर्क पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।

इसके अलावा युवा भी कदम बढ़ा रहे हैं ऐसा करना है क्लाइंट और कंपनियों दोनों की ही फायदे की बात है हालांकि यह बात भी ठीक है कि फ्रीलांसर्स के फायदे और नुकसान दोनों ही हैं

फ्रीलांसर की परिभाषा

फ्रीलांसर्स की परिभाषा की अगर हम बात करें तो यह एक कॉन्ट्रैक्ट बेस व्यापार है।

यहां पर किसी व्यक्ति के पास कोई एक कंपनी या संस्थान नहीं होता जिसमें वह काम करता है।

वह एक साथ कई सारी कंपनियों और क्लाइंट्स को अपनी सेवाएं प्रदान कर सकता है। इस तरह से काम को करने वालों को फ्रीलांसर्स कहा जाता है।

यह काम घर बैठे भी किया जा सकता है। यहां पर मैनेजमेंट,कॉपीराइटर्स , एडिटर जैसे कार्यों को कई कंपनियां फ्रीलांसर से करवाती हैं।

इस काम की सबसे अच्छी बात यह है कि हर रोज और शाम को ऑफिस में अपनी हाजिरी नहीं देनी पड़ती। यहां पर आप जितना काम कर लो उतना पैसा आपको मिलेगा।

फ्रीलांसर्स अगर हम एक उदाहरण देखें तो आपको एक उदाहरण देते हैं कि कोई यूट्यूब वीडियो बनाता है। लेकिन उसके पास इतना टाइम नहीं होता कि वह अपने वीडियो को ठीक से एडिट कर सके।

या फिर यह यह भी हो सकता है कि उसको वीडियो एडिट करना ही नहीं आता तो वह ऐसे व्यक्ति से संपर्क करना चाहेगा जो उसके वीडियो को अच्छे से एडिट कर सके।

इसीलिए इसके लिए फ्रीलांसर्स से ही संपर्क करेगा और वह अपने प्रति वीडियो के निर्धारित पैसा देगा।

फ्रीलांसर्स के फायदे

इस कार्य को करने का सबसे अच्छा फायदा यह है कि आपको अपना पैसा और समय दोनों बचाते हैं।

फ्रीलांसर्स की सबसे अच्छी बात यह होती है कि उसके पास कहीं भी और कभी भी काम करने की क्षमता होती है।

वह किसी एक निर्धारित कार्य के प्रति अपने लगाव नहीं रखता है। उसे किसी से छुट्टी लेने की भी आवश्यकता नहीं होती।

जब चाहे तब अपने परिवार के साथ कितनी भी लंबी छुट्टियों पर जा सकता है। उसे अपने क्लाइंट्स के साथ मीटिंग्स में भाग लेने की आवश्यकता नहीं होती है।

उसे उसे अपनी बॉस की बात मानने की बाध्य नहीं होती है। वह चाहे तो रोजाना अपना पैसा प्राप्त कर सकता है।

नौकरी करने वालों की तरह नहीं कि उन्हें महीने के आखिरी दिनों तक का इंतजार करना पड़ेगा।

नुकसान

फ्रीलांसर्स के सबसे बड़े नुकसान की हम बात करें तो यह है कि आपको रेगुलर कमाई का साधन नहीं होता।

अगर आपका जीवन केवल फ्रीलांसर्स के ही भरोसे चल रहा है। तब आप को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

सामाजिक तौर पर भी अगर हम देखें तो फ्रीलांसर को सामाजिक महत्व नहीं दिया जाता।

इसके अलावा उनके पास कंपनी की कोई सेवाएं भी नहीं दी जाती जैसे बीमा या छुट्टी।

कई बार आपके क्लाइंट्स अमेरिका के हैं होते हैं और फ्रीलांसर्स भारत के तो अलग टाइम जोन का होने के कारण आपको दिन और रात दोनों काम करना पड़ सकता है।

ऐसे में पारिवारिक खटास भी आने की संभावनाएं बनी रहती है।

फ्रीलांसर्स का एक सबसे बड़ा नुकसान यह है कि कभी-कभी आपको ऑनलाइन धोखा भी दे दिया जाता है।

जैसे आप से किसी ने अपने प्रोजेक्ट पर काम करा लिया लेकिन वह क्लाइंट आपको पैसे नहीं दे रहा है। तब आप कुछ नहीं कर सकते।

ऐसे में आप मानसिक तौर पर तो परेशान रहेंगे ही इसके साथ ही आपने जो मेहनत की वह भी बेकार हो जाएगी।

 

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