स्नेहा दुबे ने इमरान खान को दिए वे जबाव जिनकी हर कोई तारीफ कर रहा है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान शनिवार को संयुक्त राष्ट्र की 76वीं आम सभा को संबोधित कर रहे थे।

अपने संबोधन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत पर बहुत सारे आरोप लगाए।

यह आरोप कोई नए आरोप नहीं थे, पुराने आरोपों को ही पाकिस्तान बार-बार दोहरा रहा है।

इमरान खान का संबोधन जैसे ही समाप्त हुआ तो भारत को राइट टू रिप्लाई के तहत तुरंत जवाब देना था।

भारत की तरफ से संयुक्त राष्ट्र में फर्स्ट सेक्रेटरी स्नेहा दुबे भारत का प्रतिनिधित्व कर रही थीं।

उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की तरफ से जो भी आरोप भारत सरकार पर लगाए थे उनके हर आरोप का उन्होंने सटीक और सही जवाब दिया।

इमरान खान का कहना था कि भारत ने कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है।

भारत में सत्ता पर मौजूद बीजेपी सरकार देश में मुसलमानों पर अत्याचार कर रही है, उनमें डर का माहौल बना रही है।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने वक्तव्य में इस्लामोफोबिया की ही बात कही थी। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से मांग की कि इस संबंध में एक बैठक भी बुलाई जाए।

इमरान खान ने कहा कि भारत जम्मू कश्मीर में संयुक्त राष्ट्र के उस प्रस्तावों का उल्लंघन कर रहा है जिसमें यह कहा गया है कि विवादित क्षेत्र में जून यूनाइटेड नेशंस की निगरानी में जनमत संग्रह कराया जाएगा।

भारत में मानवाधिकारों का जमकर उल्लंघन किया जा रहा है। मुझे बात कहते हुए बहुत अफसोस हो रहा है कि कश्मीर में भारत सौतेला व्यवहार कर रहा है।

भारत की तरफ से फर्स्ट सेक्रेटरी स्नेहा दुबे ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बयान का विरोध किया।

उन्होंने जवाब दिया कि पाकिस्तान भारत के आंतरिक मामलों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने बेवजह का प्रयास कर रहा है।

पाकिस्तान भारत को बदनाम करने की साजिश हमेशा करता आया है। स्नेहा दुबे ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को जवाब देने के लिए राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल किया था।

स्नेहा दुबे ने आगे बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान दुनिया का वह देश है जो अपने पड़ोसी देशों को परेशान करने के उद्देश्य से आतंकवाद को अपने यहां शरण देता है।

स्नेहा दुबे ने आगे कहा कि पाकिस्तान आग लगाने वाला राष्ट्र है लेकिन वह दुनिया के सामने खुद को अग्निशामक दिखाने का प्रयास करता है।

स्नेहा दुबे के वे पांच जबाव जिन्होंने सुर्खियां बटोरीं

• पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादियों को अपने यहां शरण देने और उनको हत्यारों से समर्थन देने का शरणदाता पहले से ही माना गया है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जिन आतंकवादियों को प्रतिबंध किया हुआ है। उन सभी आतंकवादियों को पाकिस्तान ने अपने यहां पर शरण दी हुई है।

• पाकिस्तान अपने यहां आतंकवादियों को इसलिए पनाह देता है ताकि वे अपने पड़ोसियों को परेशान कर सके।

ओसामा बिन लादेन को संयुक्त राष्ट्र परिषद ने प्रतिबंधित किया हुआ था और वह पाकिस्तान में पनाह लिए हुए था।

इतना ही नहीं पाकिस्तान सरकार ओसामा बिन लादेन को शहीद मानकर उसका सम्मान करती है।

• अक्सर यह बात हम सुनते रहते हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद का शिकार देश है जबकि पाकिस्तानी एक ऐसा देश है जो खुद आग लगाकर आग बुझाने की बात करता है।

• जहां तक बात जम्मू कश्मीर और लद्दाख की है यह भारत का अभिन्न हिस्सा था है और रहेगा

• पाकिस्तान के लिए बहुलताबाद का अर्थ समझना असंभव के बराबर है क्योंकि वह हमेशा अपने यहां पर अल्पसंख्यकों को राजनीति के उच्च पदों से दूर रखता आया है।

पाकिस्तान ने आखिर कहा क्या था ?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान शनिवार को संपूर्ण क्षेत्र में आम सभा में संबोधित कर रहे थे। अपने संबोधन में उन्होंने भारत पर बेमतलब के आरोप लगाए थे।

इमरान खान ने अपना पुराना कश्मीर राग अलापते हुए कहा कि भारत ने 5 अगस्त 2019 को और उसके बाद कई ऐसे कदम उठाए हैं जो बिल्कुल अवैध हैं और एक तरफा हैं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का आरोप है कि भारत में कश्मीर में 9 लाख सैनिकों की तैनाती कर दी है।

कश्मीर के हितों की आवाज उठाने वाले नेताओं को जेल में बंद कर दिया है। भारत सरकार ने मीडिया और नेट पर प्रतिबंध लगा रखा है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत ने अपने नियंत्रण वाले कश्मीर में जो लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन पर भी बल का इस्तेमाल किया है। इमरान खान कहते हैं कि भारत ने 13000 कश्मीरी युवाओं को नजर बंद करके रखा है।

इमरान खान ने सैयद अली शाह गिलानी जो कि कश्मीर के अलगाववादी नेता थे, उनकी मौत का भी जिक्र अपने संबोधन में किया है।

इमरान खान ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत जहां धार्मिक स्वतंत्रता की बात करता है

वहीं गिलानी के परिवार वालों को उनकी अंतिम संस्कार में इस्लामिक रीति रिवाज भी नहीं अपनाने दिए गए।

इमरान खान ने आरोप लगाया कि भारत कितना खराब राष्ट्र है यह गिलानी के उदाहरण से अच्छे से समझा जा सकता है।

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