बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ाना चाहते हैं तो इन टिप्स को करें फाॅलो

संसार के हर मां बाप की इच्छा होती है कि उनका बच्चा उनसे ज्यादा तरक्की करें।

वह अपने जीवन में इतना कामयाब हो की सभी लोग उसको अपना रोल मॉडल मानें। यही कारण है कि सभी लोग अपने बच्चों का हर तरह से ध्यान रखते हैं।

उनके कैरियर में आने वाली बाधाओं को पार करने में सहायता करते हैं और उनको गाइड भी करते हैं।

लेकिन कई बार इतना सब करने के बाद भी आपके बच्चे आपकी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।

इसके अगर हम गर्भ में जाएं तो पता चलता है कि बच्चे में आत्मविश्वास की कमी होती है ,उसकी मेहनत में कमी होती है और परखने की क्षमता में भी कमी देखी जाती है।

ऐसा उन बच्चों के साथ होता है जिनके मां बाप उन पर हमेशा नजर रखते हैं कि कहीं उनका बच्चा कोई गलत काम ना कर दे।

मां बाप को चाहिए कि वह अपने बच्चों मैं निर्णय लेने की क्षमता का विकास करें।

बच्चों के अंदर इस बात का ध्यान होना चाहिए कि वे क्या सही कर रहे हैं और क्या गलत कर रहे हैं ?

इस आर्टिकल की मदद से हम आपको आज बच्चों में आत्मविश्वास कैसे पैदा किया जाए इस मुद्दे पर बात करेंगे।

बच्चों को दें समय

बच्चों के आत्मविश्वास में वृद्धि करना चाहते हैं तो आपको चाहिए कि बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं।

आपको चाहिए कि बच्चे की बात को ध्यान से सुनें और उसकी हर गतिविधि को प्यार से डील करें।

ऐसा करने से आप अपने बच्चों को बेहतर समझने लगेंगे जिससे आपको उसके स्वभाव में समझने में आसानी होगी।

प्यार भरा रिश्ता

आपको अपने बच्चे के साथ ऐसा व्यवहार करना चाहिए जिससे बच्चा आपको अपने दिल की हर बात बता दे।

अगर आप अपने बच्चे की दिल की हर बात सुनेंगे और समझेंगे।

इससे आपका और आपके बच्चे के बीच रिश्ता और अच्छा हो जाएगा, आपके इस रवैये से बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस करेगा।

बच्चे की तारीफ करें

यदि आपका बच्चा छोटा-मोटा काम कर ले तब आपको अपने बच्चे की तारीफ करनी चाहिए।

यदि आपका बच्चा कोई काम कर रहा है और उससे वह काम बिगड़ जाता है तब भी आपको अपने बच्चे की मेहनत की सराहना करनी चाहिए।

यह बात तो ठीक है कि कोई माता पिता यह नहीं चाहता कि उसका बच्चा किसी तरह के खतरे में पड़े,

लेकिन उसके आने वाले जीवन की तैयारी के लिए बच्चे को हर स्थिति का सामना करना आना चाहिए।

आपको चाहिए कि आप अपने बच्चे के ढाल बनना बंद कर उसको संकट से निकलने का रास्ता बताएं। इससे आपका बच्चा मजबूत और आत्मविश्वास से परिपूर्ण हो जाएगा।

क्षमताओं पर रखें भरोसा

हर मां बाप को अपने बच्चे की क्षमताओं पर भरोसा रखना चाहिए। हमें ना तो अपने बच्चे से जरूर से ज्यादा उम्मीद रखनी चाहिए और ना ही उससे नाउम्मीद होना चाहिए।

आपको अपने बच्चों पर भरोसा होना चाहिए उसको अपनी क्षमताओं को आजमाने का पूरा अवसर देना हर मां-बाप का कर्तव्य है।

तुलना न करें

कई बार मां बाप अपने बच्चे की तुलना पड़ोसी या किसी रिश्तेदार से करके बच्चे को शर्मिंदगी का एहसास कराते हैं।

इससे न केवल बच्चे का आत्मविश्वास कमजोर होता है बल्कि वह खुद अपनी ही नजरों में हीन समझने लगता है।

यदि आप अपने बच्चों की तुलना किसी रिश्तेदार से या फिर अपने ही बच्चे से क्यों ना करें ,

आपके बच्चे पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे वह छोटे-छोटे कार्य करने से भी डरने लगता है।

गुणों पर ध्यान दें कमजोरियों पर नहीं

हम अक्सर देखते हैं कि मां बाप अपने बच्चों की कमजोरियों पर ही चर्चा करते हैं और बच्चे को उसकी कमजोरियां हर समय याद दिलाते हैं। इससे बच्चे का आत्मविश्वास कमजोर हो जाता है।

मां-बाप की जिम्मेदारी है कि बच्चे को उसकी रूचि और क्षमता के हिसाब से फैसले लेने दें, यदि कोई बच्चा कड़ी मेहनत कर रहा है तो उसको बधाई दें।

हर बच्चे की अपनी अलग प्रतिभा और क्षमता होती है इस बात को हर मां बाप को याद रखनी चाहिए।

काल्पनिक जीवन से बाहर निकालें

मां-बाप का यह परम कर्तव्य है के आप अपने बच्चों को गहनता से समझें। उतार चढ़ाव जीवन का हिस्सा है ऐसे में जरूरत से ज्यादा आशावादी होना बच्चे को अपनी हार को भूल पाना असंभव के बराबर हो जाता है।

बच्चा अपने जीवन के उतार-चढ़ाव को सहन करने की क्षमता को खो देता है।

ऐसे में मां-बाप को चाहिए कि वह अपने बच्चों को जीवन की वास्तविकता से परिचय कराएं। और उसे कुछ महापुरुषों का उदाहरण देकर समझाने का प्रयास करें।

हार न मानना

हमें शुरुआत मैं पहले भी कह चुके हैं कि उतार चढ़ाव मानव जीवन के हिस्सा है।

लेकिन मां-बाप को चाहिए कि अपने बच्चों को यह सिखाएं कि किसी भी परिस्थिति में हार मत मानो।

भले ही आपको यह लग रहा है कि इस कार्य में सफलता मिलना नामुमकिन के बराबर है, लेकर अंतिम परिणाम आने तक हार नहीं माननी चाहिए।

सिखाएं असफलता का सामना करना

हार और जीत सफलता और असफलता जीवन का अहम हिस्सा है। ऐसे में आपको चाहिए कि अपने बच्चों को असफलता का सामना करना सिखाएं।

हार चाहे कैसे भी हो लेकिन उसका कोई न कोई सकारात्मक पहलू जरूर होता है।

आपको अपने बच्चे को उसी पर फोकस करने की ध्यान देना चाहिए। उसे अगली बार दुगनी क्षमता के साथ आगे बढ़ने की हिम्मत देनी चाहिए।

बच्चे का रोल माॅडल बनें

आत्मविश्वास एक ऐसी चीज है जो आपको सिखाया नहीं जा सकता, बल्कि समझाया जा सकता है।

बच्चे अपने आसपास की घटनाओं से बहुत जल्दी प्रेरित और हतोत्साहित हो जाते हैं।

ऐसे में हर मां बाप को चाहिए कि अपने बच्चे का रोल मॉडल बनने का प्रयास करें।

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