रात भर फोन चार्ज करना परेशानी का सबब तो नहीं ?

अधिकतर लोग जीवन की भाग दौड़ में दिन भर बिजी रहते हैं, फिर वे रात में सोचते हैं कि अपना फोन चार्जिंग पर लगा दें तो सुबह को उनका फोन उनको फुल चार्ज मिलेगा।

लेकिन यह कितना सही है या कितना गलत है, इस पर लोगों के अपने-अपने विचार हैं। यहां बहुत से लोगों का कहना है कि रात में फोन अधिकतम चार्जिंग पर नहीं लगाना चाहिए।

इससे बैटरी पर बुरा असर पड़ता है। आइए जानते हैं कि यह कितना सही है या गलत।

इस तरह करें फोन का ख्याल

अधिकतर लोग रात में अपना फोन चार्जिंग पर लगा कर आराम से सोते हैं। वहीं कुछ लोगों का यह मानना है कि रात में अधिकतम चार्जिंग होने पर बैटरी पर बुरा असर पड़ता है।

परंतु विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल के स्मार्टफोन अधिक स्मार्ट होते जा रहे हैं। वहां 6 से 8 घंटे चार्जिंग के लिए नहीं लेते हैं।

ऐसा वह 100% चार्जिंग हो जाने पर ऐसे प्रोसेसर लगे होते हैं कि वहां करंट रिसीव करना ऑटोमेटिक बंद कर देती है।

यदि आप तब पर भी उसको चार्जिंग पर रखते हैं तो वहां 90% हो जाने पर अपने आप चार्जिंग को फिर से शुरू कर देता है।

कैसे गर्म होती है फोन की बैटरी

बहुत से यूजर्स को यह भी शिकायत रहती है कि एवं चार्जिंग पर रखने पर उनका फोन गर्म हो जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह चार्जिंग करते समय एक एक लिथियम आयन बैट्री केमिकल रिएक्शन रिलीज होता है।

चार्जिंग करते समय यह केमिकल रिएक्शंस बैटरी के पॉजिटिव चेंबर से नेगेटिव चेंबर की तरफ प्रसारित होते हैं। जिससे बैटरी गर्म होती है और उसका गर्म होना स्वभाविक हो जाता है।

विशेषज्ञों कहना है कि इससे घबराने की कोई बात नहीं है। वैसे भी यह एक तकनीकी मशीन है।

इसका खराब होना तो लाजिम है जितना आप उपयोग करेंगे धीरे-धीरे वहां अपनी क्षमता को खोने लगती है।

लेकिन फिर भी अगर आप की बैटरी अधिकतर गर्म होती है तो उसे पूरी तरह से डिस्चार्ज होने दे और उसके बाद उसे फिर से स्टार्ट करें, इससे वहां ठीक हो सकती है।

इस तरह ​​रखें बैटरी का ख्याल

उनकी बैटरी को सुरक्षित रखने के विशेषज्ञों ने उपाय तो बताए हैं परंतु वह काम करेंगे या नहीं करेंगे।

इसकी गारंटी उन्होंने नहीं ली। जैसे कि आपको आई फोन कीपैड प्रो चार्ज करना है तो आपको इसके चार्जर आईफोन का यूज करना होगा,

इससे क्या होगा कि वह धीरे-धीरे चार्ज होगा इससे बैटरी पर नेगेटिव प्रभाव नही पड़ेगा और बैटरी सुरक्षित रहेगी।

रात भर फोन चार्ज करना परेशानी का सबब तो नहीं

अधिकतर लोग जीवन की भाग दौड़ में दिन भर बिजी रहते हैं, वहां रात में सोचते हैं कि अपना फोन चार्जिंग पर लगा दे।

सुबह वहां उनको फुल चार्ज मिलेगा। लेकिन यह कितना सही है या कितना गलत है।

यहां बहुत से लोगों का कहना है कि रात में फोन अधिकतम चार्जिंग पर नहीं लगाना चाहिए इस पर बैटरी पर बुरा असर पड़ता है आइए जानते हैं कि क्या यह सही है या गलत।

इस तरह करें फोन का ख्याल

अधिकतर लोग रात में अपना फोन चार्जिंग पर लगा कर आराम से सोते हैं। वहीं कुछ लोगों का यह मानना है कि रात में अधिकतम चार्जिंग होने पर बैटरी पर बुरा असर पड़ता है।

परंतु ही विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल के स्मार्टफोन अधिक स्मार्ट होते जा रहे हैं।

वहां 6 से 8 घंटे चार्जिंग के लिए नहीं लेते हैं। ऐसा वह 100% चार्जिंग हो जाने पर ऐसे प्रोसेसर लगे होते हैं कि वहां करंट रिसीव करना ऑटोमेटिक बंद कर देती है।

यदि आप तब पर भी उसको चार्जिंग पर रखते हैं तो वहां 90% हो जाने पर अपने आप चार्जिंग को फिर से शुरू कर देता है।

कैसे गर्म होती है फोन की बैटरी

बहुत से यूजर्स को यह भी शिकायत रहती है कि एवं चार्जिंग पर रखने पर उनका फोन गर्म हो जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह चार्जिंग करते समय एक एक लिथियम आयन बैट्री केमिकल रिएक्शन रिलीज होता है।

चार्जिंग करते समय यहां केमिकल रिएक्शंस बैटरी के पॉजिटिव चेंबर से नेगेटिव चेंबर की तरफ प्रसारित होते हैं।

जिससे बैटरी गर्म होती है और उसका गर्म होना स्वभाविक हो जाता है।

विशेषताओं कहना है कि इससे घबराने की कोई बात नहीं है वैसे भी यह एक तकनीकी मशीन है।

इसका खराब होना तो दिख लाजिम है जितना आप उपयोग करेंगे धीरे-धीरे वहां अपनी क्षमता को खोने लगती है।

लेकिन फिर भी अगर आप की बैटरी अधिकतर गर्म होती है तो उसे पूरी तरह से डिस्चार्ज होने दे और उसके बाद उसे फिर से स्टार्ट करें, इससे वहां ठीक हो सकती है।

इस तरह ​​रखे बैटरी का ख्याल-

उनकी बैटरी को सुरक्षित रखने के विशेषज्ञों ने उपाय तो बताए हैं परंतु वह काम करेंगे या नहीं करेंगे।

इसकी गारंटी उन्होंने नहीं ली जैसे कि जैसे कि आपको आई कीपैड प्रो चार्ज करना है तो आपको इसके चारजर आईफोन का यूज करना होगा,

इससे क्या होगा कि वह धीरे-धीरे चार्ज होगा इस ले बैटरी पर नेगेटिव प्रभाव नही पड़ेगा और बैटरी सुरक्षित रहेगी।

कैसे बनी है, आपके फोन की बैटरी

एक फोन चार्ज करने वाली कंपनी के प्रवक्ता यह जानकारी देते हैं कि आजकल के स्मार्टफोन अधिक स्मार्ट होते हैं।

उनको यह पता रहता है कि उन्हें कब तक चार्ज होना है। ऐसे ही अगर एंड्रॉयड और आईफोन की बात की जाए तो है।

यहां फोन में एक विशेष चिपलैस होते हैं,या पूरा चार्ज हो भी जाए तो इसे विद्युत अवशेष से बचाते हैं।

यानी के अगर हम अपने एंड्राइड या आईफोन को उसके ऑफिशियल चार्जर से चार्ज करते हैं तो उनकी बैटरी पर विपरीत प्रभाव नहा पड़ता है।

कैसे बनी है, आपके फोन की बैटरी

एक फोन चार्ज करने वाली कंपनी के प्रवक्ता यह जानकारी देते हैं कि आजकल के स्मार्टफोन अधिक स्मार्ट होते हैं।

उनको यह पता रहता है कि उन्हें कब तक चार्ज होना है और ऐसे ही अगर एंड्रॉयड और आईफोन की बात की जाए तो।

यह फोन में एक विशेष चिपलैस होते हैं या पूरा चार्ज हो भी जाए तो इसे विद्युत अवेश से बचाते हैं

यानी के अगर हम अपने एंड्राइड या आईफोन को उसके ऑफिशियल चार्जर से चार्ज करते हैं तो उनकी बैटरी पर विपरीत प्रभाव नहा पड़ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *