मेरी पत्नी दस साल से मेरे साथ जबरदस्ती संबंध बना रही है

महिलाओं पर जो कुछ जुल्म होता है उसके मामले तो लगभग रोजाना ही जाते हैं। लेकिन जब महिलाएं पुरुष पर ज़्यादती करें ,

ऐसे मामले बहुत कम आते हैं। इस तरह की घटनाएं जब महिलाओं के साथ होती हैं तब तो ब्रेकिंग न्यूज़ बन जाती हैं।

लेकिन जब ऐसी ही घटना है पुरुषों के साथ होती है तब पुरुष हंसी का पात्र हो जाता है।

जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाना कानून के खिलाफ है। और इस पर कार्रवाई की जाती है

लेकिन जब पुरुष को यह सब झेलना पड़े तब पुरुष शर्मिंदगी और हंसी का पात्र बन जाने के डर से यह सब नहीं बताता।

यूक्रेन की एक युवक ने अपने ऊपर 10 साल तक जो कुछ भी बीता उसकी जानकारी बीबीसी हिंदी को दी।

जानकारी देते समय उस युवक ने बीबीसी से उसका नाम सार्वजनिक न करने की शर्त रखी थी।

मुझे इस बारे में जरा की जानकारी नहीं है कि मेरे दोस्तों को मेरे बारे में कुछ जानकारी थी या नहीं क्योंकि ऊपर से मैं सबको हंसता हुआ और खेलता हुआ नजर आता था।

मैंने अपनी नौकरी में बहुत पैसा कमाया और अपनी महिला मित्र के साथ करीब पर आधी दुनिया की सैर कर ली।

मैं जब भी उसके साथ सार्वजनिक स्थानों पर होता था तो मैं खुद को सुरक्षित महसूस करता था।

लेकिन अकेले में मिलने से घबराता था मुझे भी मुझे अकेला पाती थी तो किसी न किसी रूप से मुझे चोटिल किया करती थी।

आज 10 साल बीत चुके हैं मेरे साथ जो कुछ भी मेरी ने पत्नी किया उसे लीगल लैंग्वेज में जबरदस्ती कहते हैं।

इरा पहली लड़की थी जो मेरे जीवन में आई थी। हम दोनों की उम्र करीब-करीब 20 वर्ष के आसपास रही होगी जब हम एक दूसरे के करीब आए।

सामान्यतः लड़के ही लड़कियों को प्रपोज करते हैं लेकिन मेरे मामले में इरा मैं ही मुझे प्रपोज किया था। जिसे मैंने खुशी-खुशी स्वीकार भी कर लिया।

इरा से संबंधों की बात मैंने अपने घर वालों को जब बताई तो उन्होंने मुझे सीधे-सीधे कह दिया। यदि उस लड़की से कोई भी संबंध रखना है तो हम लोगों से संबंध तोड़ना होगा। मैं डर गया।

मैंने अपनी नौकरी से बैंक बैलेंस इकट्ठा कर लिया। तब मैंने इरा के साथ जीवन में आगे बढ़ने का फैसला किया।

पीड़ादायक शारीरिक संबंध

मेरी मां को मेरा चेहरा अच्छा नहीं लगता था इसीलिए उसे देखकर शर्मिंदा होती थी और यही कारण था कि मुझ में भी आत्मविश्वास नहीं था। इरा से पहले मेरे जीवन में कोई लड़की नहीं आई थी।

इरा मेरे जीवन की पहली लड़की थी जिसके साथ मैंने सबसे पहले शारीरिक संबंध बनाए।

लेकिन पहली बार शारीरिक संबंध बनाना मेरे लिए उस कल्पना के बिल्कुल विपरीत था जिसके बारे में मैं कभी कल्पना किया करता था। करीब 6 घंटे तक हमारा पहला शारीरिक संबंध चला था।

हमारा पहला शारीरिक संबंध मेरे लिए यह पीड़ादायक अनुभव का था जबकि इरा बगल में संतुष्ट होकर आंखें बंद किए लेटी रही।

मैंने किसी किताब में कहीं पढ़ा था कि शारीरिक संबंध दोनों के लिए संतुष्टि और सुख देने वाला होना चाहिए।

लेकिन मेरे मामले में ठीक इसके विपरीत कहानी थी। मुझे इससे पहले किसी तरह का कोई अनुभव नहीं था

इसीलिए मैं यह सोचकर चुप रह गया है कि हो सकता है कि ऐसा ही होता हो। फिर मैंने इरा के साथ अपनी शारीरिक संबंधों को मूक सहमति दे दी।

जब मेरा दर्द इस सीमा से पार हो चुका था तो मैंने एक बार तेरा से संबंध बनाने से स्पष्ट मना कर दिया तो वह मेरे साथ जबरदस्ती करने लगी।

यदि यही जबरदस्ती मैं करता तो लोग उसे क्या कहते हैं सब जानते हैं।

मैं उसके जाल में बुरी तरह फंस गया था

मेरी कंपनी ने मुझे काम के सिलसिले में विदेश भेज दिया। भले ही इरा मेरे साथ जबरदस्ती कर रही थी लेकिन मैं उससे बेहद प्रेम करता था और

किसी भी सूरत में उससे दूर नहीं होना चाहता था। मैं उससे शादी करना चाहता था जब मैंने उससे शादी के लिए कहा तो उसने मना कर दिया।

लेकिन मेरे साथ विदेश यात्रा पर जाने के लिए तैयार हो गई। मेरे साथ जबरदस्ती की असली शुरुआत तो यहीं से होती है।

मैं पूरा दिन अपनी कंपनी के काम से इधर-उधर भागता रहता था और घर लौट कर हारे-थके पुरुष की तरह आराम करना चाहता था लेकिन नहीं।

मुझे घर पहुंच कर खुद के लिए और इरा के लिए खाना भी बनाना होता था। फिर उसके बाद जबरदस्ती शारीरिक संबंध भी स्थापित करना भी होता था।

मैं जब भी इसको मना करता था तो वह बहुत गुस्सा हो जाती। वह मेरे शरीर के हर हिस्से को नुकसान पहुंचाती थी सिवाय चेहरे के।

मुझे नाखून से तो कभी घूंसा मारती थी यहां तक कि दांतों का भी इस्तेमाल करती थी।

इतना सब होने के बावजूद भी मैंने उस पर कभी हाथ नहीं उठाया क्योंकि मैं उस समाज से आता हूं जहां पर औरतों पर हाथ उठाना अपराध माना जाता है।

मैं हीन भावना का शिकार होने लगा। मेरे पास खुद की सुरक्षा का कोई विकल्प नहीं बचा था।

अलग कमरा भी न ले सका

लोग अपना काम खत्म करके घर की तरफ भागते हैं लेकिन मैं सोचता था कि काम खत्म ना हो। जब भी काम खत्म होता था तो बिना वजह शहर की सड़कों पर घुमा करता था।

बेमतलब मॉल में घूमा करता था ताकि इतना कम से कम हो मैं इरा के साथ समय बिताऊं। हम लोग जब विदेश यात्रा पर गए थे तब ठंड नहीं थी लेकिन इस दौरान मौसम में तब्दीली आ गई और ठंड हो गई।

मैं अपने गर्म कपड़े भी नहीं लेकर गया था। इरा को मेरी बात से कभी कोई फर्क नहीं पड़ा।

वह तो बस अपने मजे के लिए ही करती थी जो कुछ भी करती है। उसको मेरी भावनाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता।

जब वीकेंड आता था तब तो मैं गिन-गिन कर सांसे लिया करता था। शनिवार की शाम से लेकर रविवार की शाम सुबह तक मेरे साथ जबरदस्ती की जाती थी।

खुद को एक महिला के तौर पर देखने लगा था। इरा के साथ मेरा जो भी संबंध था अब मैं उसे खत्म करना चाहता था।

मैं अब युक्रेन में दिन काटने लगा था कि कैसे भी मेरा यह युक्रेन का काम निपट जाए और मैं जल्दी घर जाऊं।

घर जाकर सबसे पहले इस लड़की से अपना नाता तोड़ दूंगा। लेकिन मेरा ऐसा सोचना बिल्कुल गलत था।

मेरी कोशिश नाकाम हो गई

जब मेरा यह युक्रेन का दौरा समाप्त हुआ तब मैंने सबसे पहले इरा से संबंध तोड़ने की ठानी और धीरे-धीरे उस से दूरी बनानी शुरू कर दी।

मैंने अपना नंबर बदल दिया और सभी सोशल अकाउंट से इरा को ब्लॉक कर दिया।

इरा को अपने जीवन से निकालने की बेइंतेहा कोशिश करने लगा। मुझे इरा से इतना डर लगने लगा था कि उसके डर के कारण मैं अपने घर से नहीं निकलता।

मैंने कुछ समय के लिए अपनी नौकरी से छुट्टी लेनी थी। एक दिन मेरे घर पर आई। मैंने अपने कमरे का दरवाजा ही नहीं खोला।

तो वह मेरे कमरे के दरवाजे पर बैठ गई और मुझसे प्यार भरी बातें करने लगे। एक बार दरवाजा खोलो सब ठीक हो जाएगा।

मैं तुम्हें समझूंगी तुम मुझे समझना। हम शादी करेंगे। इरा से संबंध तोड़ने के बाद मैं अकेलेपन का शिकार हो गया था और उससे निकलने के लिए मैंने तेरा से शादी को हां कर दी।

मैं चाहता था कि इरा से शादी ना करूं लेकिन चाह कर भी इस शादी को मैं इंकार नहीं कर पाया। इरा को मेरी हर एक चीज से परेशानी थी।

उसे मेरे दोस्तों से भी नफरत थी इतना ही नहीं हर चीज से। यहां तक कि टूथपेस्ट से भी उसे नफरत थी।

इस तरह से सवाल किया करती थी जिनके बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था। वहां क्यों गए थे।

उससे फिर क्यों बात कर रहे थे ? यह शर्ट ऐसी ही क्यों खरीदी ? पेंट पर यह रंग क्यों खरीदा ? उसके इस तरह के सवालों से मुझे इरिटेशन होने लगी।

इरा मुझे अपना पति नहीं केवल की खिलौना मानती थी। इरा को पूरा दिन कोई काम नहीं था और मुझे ऑफिस जाने से पहले खुद के लिए और इरा के लिए खाना बनाना होता।

घर की सफाई करनी होती थी और ऑफिस से लौटकर भी उतना ही काम करना होता है।

मैं चाहता था कि रोज सुबह जल्दी उठूं और मॉर्निंग वॉक पर जाऊं। लेकिन इरा की नींद में खलल ना पड़ जाए इसीलिए बिस्तर पर ऐसे ही करवटें बदलता रहता था।

घर के हर एक बिगड़े काम की जिम्मेदारी मेरी थी। मुझे उसकी हर एक ख्वाहिश पूरी करनी होती थी। यदि मैंने मना किया तो मैं पीटा भी जाता था।

एक बार तुम्हें इतना परेशान हो गया था की मैं अपनी गाड़ी में जल्दी आ गया और चीख-चीख कर रोने लगा।

वो पीछे से आई और मेरे कंधे पर हाथ रखा और बोली मैं तुम्हारे लिए बहुत दुखी हूं। लेकिन मैं कुछ नहीं कर सकती मैं मजबूर हूं।

इरा के टॉर्चर से मैं इतना परेशान हो गया कि घर ना आने के लिए 14-14 घंटे काम करने लगा।

मुझे इरा से शारीरिक संबंध स्थापित करने से ज्यादा अपना काम ज्यादा आसान लगने लगा। मैं काम करने के लिए शराब पीने लगा।

मुझे शारीरिक संबंधों से नफरत होने लगी। इरा को लगता था कि हमारी पर्सनल लाइफ खराब होने का जिम्मेदार मैं ही हूं।

मैं मदद के लिए चीखना चाहता था लेकिन चीख नहीं पा रहा था। मैं अपनी समस्या सब को बताना चाहता था लेकिन मैं बता नहीं पा रहा था।

अंततः मुझे मदद मिली

बसंत तो आने को था और पतझड़ का मौसम मैं बहुत तेज बुखार से पीड़ित था लेकिन इरा को मेरे इस बुखार से कोई फर्क नहीं पड़ता। उस दिन मेरा मन इरा की तरफ से बिल्कुल हट चुका था।

मैं इस बात को भलीभांति समझ चुका था कि चाहे मेरी जान क्यों ना चली जाए इरा को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मैं इरा से घृणा करने लगा था।

एक बार मैं लैपटॉप पर अपना कुछ काम कर रहा था शायद कुछ सर्च कर रहा था तो एक वेबसाइट पर एक विज्ञापन शो हो रहा था। जिस पर चैट का ऑप्शन था।

मैंने उस पर क्लिक किया मैंने अपनी सारी बात बताई। यह मेरे जीवन की पहला मौका था जब मैंने अपने दिल की बात किसी से खुल कर कही हो।

वह भी इसीलिए कि सामने वाले को जानता नहीं था। लेकिन अपने साथ संबंधों में हो रहे जबरदस्ती ही रही है यह फिर भी नहीं बता पा रहा था।

मैंने अपना सर्च जारी रखा और एक बार एक थैरेपिस्ट से मिला उस थैरेपिस्ट ने मेरी बहुत मदद की। मुझे और मेरी पत्नी कोई दूसरे के साथ बैठना था। लेकिन चुपचाप बैठना था जब तक डॉक्टर ना कहें।

आज तक मेरे ऊपर जो कुछ भी गुजरा मैंने सब डॉक्टर को बताया। इरा बीच सेशन में ही तेजी से चीख कर बोली तो कि मुझे तुमसे तलाक चाहिए।

मैंने भी बिना कुछ सोचे समझे उसकी हां में हां मिला दी। उसने अगले हफ्ते तक तलाक के पेपर तैयार करा लिए। हम दोनों में हमेशा-हमेशा के लिए अलग होने का फैसला कर लिया था।

जिस दिन हमारी तलाक का अंतिम दिन था मैं इरा पर तेजी से चीखा कि तुम मेरे साथ जबरदस्ती कर रही थी।

तो एकदम से वह बोली हां कर रही थी तो क्या हुआ। उसके जवाब से मैं हक्का-बक्का रह गया।

समझ नहीं आ रहा था कि उसको क्या जवाब दूँ और वह मुझे देख कर हंस रही थी। जब मैंने तलाक ले लिया तब मैं अपने मां-बाप के पास वापस आ गया।

खुद को समय देने के लिए अपनी नौकरी से कुछ हफ्तों की छुट्टी के लिए मैं सुकून से जीना चाहता हूं।

तलाक हो जाने के कुछ दिनों बाद एक बार फिर मेरे घर आई और जोर-जोर से मेरे घर का दरवाजा खटखटाने लगी।

बुरी तरह से चीख रही थी। उसके इस रवैये से मेरी माँ बुरी तरह घबरा गई लेकिन मैं हंस रहा था। मुस्कुराते हुए मैं अपनी मां से बोला मां तुम सोच भी नहीं सकते कि मैंने क्या-क्या झेला है ?

यह कहानी बीबीसी हिन्दी से ली गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *