जानिए ये डिजिटल कृषि क्या है ?

क्या है डिजिटल कृषि –

आईसीटी ( सूचना और संचार प्रौद्योगिकी ) और डेटा आधारित कृषि को डिजिटल कृषि ( Digital Agriculture ) कहा जाता है।

इसके द्वारा सूचनाओं और सेवाओं को समय पर लक्षित तरीके से पहुँचाया जाता है।

इसके अंतर्गत सभी को सुरक्षित , पौष्टिक और किफायती भोजन प्रदान करते हुए खेती का सतत और किफायती विकास शामिल किया गया है ।

उदाहरण

कृषि जैव प्रौद्योगिकी ‘ पारंपरिक प्रजनन तकनीकों सहित उपकरणों की एक श्रृंखला है , जो उत्पादों को बनाने या संशोधित करने के लिये जीवित जीवों या जीवों के कुछ हिस्सों को बदल देती है।

पौधों या जानवरों में सुधार या विशिष्ट कृषि उपयोगों के लिये सूक्ष्मजीवों का विकास करती है!

क्या है डिजिटल कृषि होने वाले लाभ

1-डिजिटल कृषि के लाभ यह है कि ये कृषि लागत को कम करने में सहायक होती है।

2-भूमि के बेहतर उपयोग के साथ कृषि उत्पादकता में वृद्धि करती है।

3-मिट्टी अपरदन में कमी करती है।

4-उत्पादन की मात्रा एवं गुणवत्ता में वृद्धि ।

5- यह जैविक खेती को बढ़ावा देने में सहायक है।

6-यह किसानों की आय बढ़ाने में मददगार है।

7-कृषि पर पर्यावरण के नकारात्मक प्रभावों से निपटने में यह लाभकारी है।

8-निरंतर बढ़ती आबादी की खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक होगी।

डिजिटल कृषि मिशन के बारे में महत्व तथ्य

डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने के लिये सरकार द्वारा एक डिजिटल कृषि मिशन ( 2021-25 ) शुरू किया गया है।

इस मिशन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता , ब्लॉकचेन तकनीक , रिमोट सेंसिंग , जीआईएस तकनीक , ड्रोन और रोबोट आदि प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल शामिल है।

कृषि में डिजिटलीकरण के महत्व को देखते हुए कृषि विभाग किसानों डेटाबेस बना रहा है और कृषि के डिजिटल तंत्र के निर्माण के लिये इस डेटाबेस से संबंधित विभिन्न सेवाओं का निर्माण कर रहा है ।

किसानों के डेटाबेस को देश भर के किसानों के भू – अभिलेखों से जोड़ा जाएगा और विशेष किसान आईडी बनाई जाएगी।

इस एकीकृत डेटाबेस के तहत सभी किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभों की जानकारी रखी जा सकती है

और यह भविष्य में किसानों को लाभ प्रदान करने के लिए जानकारी का एक स्रोत हो सकता है।

वर्तमान क्यों है चर्चा का विषय

हाल ही में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने निजी कंपनियों के साथ डिजिटल कृषि ( Digital Agriculture ) से संबंधित 5 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं इन समझौता ज्ञापनों का उद्देश्य किसानों की आमदनी बढ़ाना और उनकी उपज की रक्षा करना है।

ये पायलट परियोजनाएँ डिजिटल कृषि मिशन का हिस्सा हैं और ये राष्ट्रीय किसान डेटाबेस पर आधारित होगी ,

जिसमें पहले से ही मौजूदा राष्ट्रीय योजनाओं का उपयोग करने वाले 5.5 करोड़ किसान शामिल हैं।

क्या उठाए गए इसके लिए कदम-

2010-11 में केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में डिजिटल कृषि से संबंधित राष्ट्रीय ई – गवर्नेस योजना ( NeGPA ) शुरू की गई है।

यह e – NAM अप्रैल , 2016 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक व्यापार पोर्टल के रूप में लॉन्च किया गया है।

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