प्रकृति की हरियाली से दूर ना बन जाए आपके हृदय रोगों की वजह।

कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि युवावस्था में दिल का दौरा पड़ना एक आम बात जैसी होती जा रही है।

चाहे युवावस्था में हो चाहे वृद्धावस्था में हार्ट फेल से उनका मुत्यु होना एक आम बात होती जा रहा ही है। ये हादसे सबसे ज्यादा यहां युवाओं में देखने को मिल रहे हैं।

क्या है शोधकर्ताओं का दावा

ईएससी कांग्रेस 2021 में प्रस्तुत किए गए अध्ययनों में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि उच्च हरे-भरे वाले ब्लॉकों के निवासियों में कम हरे-भरे ब्लॉकों में रहने वालों की तुलना में किसी भी काडिर्योवैस्कुलर को विकसित करने की लगभग 16% कम संभावनाएं रहती हैं।

हाल ही में एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है कि यदि हम हरे-भरे इलाकों में रहते हैं तो हमारे हृदय का रोग विकसित होने की संभावनाएं कम होती हैं।

प्रकृति के संपर्क में रहना यानी हरी-भरी जगहों पर समय बिताना या फिर हरियाली के आसपास रहना कहीं मायनों में हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।

इससे हमारे मस्तिष्क में एक स्थिरता आती है।
एक स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है जिसका सीधा असर हमारे हृदय में पढ़ता है।

वह अच्छा महसूस करने की वजह से दिल के रोगों में 80% तक कमी आती है।

• यह अध्ययन लगभग 2.4 लाख से अधिक प्रतिभागियों को किए गए अध्ययन में बताया गया है।

•16% ह्रदय रोग की संभावना कम पाई गई हरियाली के आसपास रहने वालों में।

एक लंबे रिसर्च का दावा

एक लंबी अध्ययन के बाद शोधकर्ताओं ने 65 वर्ष और इससे अधिक आयु के 2,43 ,558 अमेरिकी मेडिकेयर लाभार्थी शामिल किए गए। जो 2011 से लेकर 2016 तक मियामी के एक ही क्षेत्र में रहते थे।

5 साल के अध्ययन के दौरान दिल का दौरा आलिंद फिबिलेशन, दिल की विफलता ,इस्केमिक हदय रोग,उक्त रक्तचाप और हृदय परिस्थितियों की घटनाओं को जानने के लिए मेडिकेयर रिकॉर्ड का उपयोग किया गया था।

पृथ्वी की सतह में परावर्तित दृष्टिगत और निकट अदृष्टि सूर्य के प्रकाश की मात्रा का आकलन करने के लिए उपग्रह छवियों का उपयोग किया गया है।

इसका तीन श्रेणियों में वर्गीकरण हुआ

शोधकर्ताओं ने इसके एक लंबी अध्ययन के दौरान शहर के ब्लॉक की हरियाली को निम्न और मध्यम या उच्च के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसमें प्रतिभागियों को भी इस आधार पर वर्गीकृत किया गया था।

इस अध्ययन में 5 वर्षों में देखा गया सकारात्मक परिणाम

ऐसे शोधकर्ताओं ने यह दावा किया कि पॉजिटिव पर्यावरण प्रभाव के लिए अपेक्षाकृत कम समय में यह प्रभाव देखने को मिलते हैं।

पौधों से क्लोरोफिल आमतौर पर दृष्ट प्रकाश को अवशोषित करता है और निकट अवरक्त प्रकाश को दर्शाता है। दोनों को मापने से वनस्पति की मात्रा का संकेत मिलता है

ऐसे अध्ययन से तथा लंबे समय केें शोधकर्ताओं यह निष्कर्ष पर पहुंचते हैं की हरी-भरी जगहों से दिल पर प्रभाव उसके अनुकूल दिशा में पड़ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *