महिलाएं बुरे लड़कों के प्रेम में इतनी जल्दी कैसे पड़ जाती हैं ?

महिलाएं इस बात को भलीभांति जानती हैं कि बुरे इंसान से दोस्ती करना या उनसे नजदीकियां बढ़ाना उनके लिए खतरनाक हो सकता है।

बावजूद इसके वे बुरे लोगों पर अपनी जान छिड़कने लगती हैं।

ऐसा चाहे फिल्मों में हो या फिर वास्तविक जीवन में महिलाएं विलेन से प्रेम करने लगती हैं।

क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है ? जानते हैं कि महिलाएं ऐसा क्यों करती हैं ?

मर्दानगी से आकर्षण

हर महिला अपने अलग स्वभाव की होती है। कुछ महिलाएं ऐसी होती हैं जो अपने मर्दानगी का शो ऑफ करने वाले पुरुषों की तरफ आकर्षित हो जाती हैं। वे जानती हैं कि ऐसा करना उनका लिए खतरनाक हो सकता है।

आपने कभी गौर किया हो तो फिल्मों में भी बुरे व्यक्तियों के चरित्र को बहुत अच्छे से दिखाया जाता है।

उनको ऐसे दर्शाया जाता है कि जैसे वे बहुत प्रभावशाली हों, उनकी आवाज बहुत प्रभावशाली होती है।

उनका लोगों से बात करने का तरीका बेहद खराब होता है। उनका सेंस ऑफ स्टाइल हिम्मतवाला होता है।

यदि हम रियल लाइफ की बात करें तो महिलाएं ऐसे पुरुषों के साथ अपना भविष्य नहीं देखती हैं लेकिन वह ऐसे पुरुषों के साथ डेट करना पसंद करते हैं।

आजादी की ख्वाहिश

हम जिस समाज में जी रहे हैं उस समाज में लड़कियों के प्रति सामाजिक दबाव रहता है कि उन्हें सुशील होना चाहि। घर के सारे कामकाज में होशियार होना चाहिए।

इसके साथ ही कढ़ाई बुनाई में भी पारंगत होना चाहिए। उनको सवाल नहीं करना चाहिए।

जैसा कहा जाए वैसा मान लेना चाहिए। लेकिन सच्चाई यह है कि महिला हो या पुरुष सभी लोग आजादी से जीवन जीना चाहते हैं।

महिलाएं बुरे लोगों का यह हुनर देखकर उन पर मरती हैं उन्हें लगता है कि यदि हम इनके साथ रहेंगे तो आजाद हो जाएंगे।

दूर रहने की सलाह लेने के कारण

यह मानव स्वभाव होता है कि आपसे जिस चीज को दूर रहने के लिए कहा जाए तो उसकी तरफ आपका आकर्षण बढ़ता चला जाता है। यही महिलाओं के साथ भी होता है।

परिवार के लोग महिलाओं से लड़कियों से कुछ खास लोगों से दूरी बनाकर रखने की सलाह देते हैं। फिर महिलाएं उनके बारे में रिसर्च करना शुरू कर देती है कि

आखिर उनमें ऐसा क्या है जो हमें उनसे दूर रहने के लिए कहा गया है। और धीरे-धीरे भी उनकी तरफ आकर्षित हो जाते हैं।

सुरक्षा

महिला यह भलीभांति जानती हैं कि बुरे इंसान के साथ में उनका कोई भविष्य नहीं है।

लेकिन वे उसके साथ संबंध स्थापित कर लेती हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके साथ यदि उनके संबंध बने रहेंगे तो उन्हें सामाजिक सुरक्षा मिली रहेगी।

वे भली-भांति जानती हैं कि यह सब पानी का एक बुलबुला है जो बाद में टूट-फूट जाएगा। फिर भी वे इस कदम को उठाने से खुद को नहीं रोक पातीं।

 

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