3 सेकंड के रोल ने कैसे बदल दी सुनील ग्रोवर (गुत्थी ) की किस्मत

सुनील ग्रोवर किसी पहचान के अब मोहताज नही है। हर उम्र के दर्शकों के बीच इनकी अलग ही पहचान बनी हुई है ।

कपिल शर्मा शो से बड़ी पहचान बना चुके सुनील ग्रोवर डॉक्टर मशहूर गुलाटी , गुत्थी , रिंकू भाभी (जिनके हसबैंड उनसे प्यार नहीं करते) ये तीनो टीवी हिस्ट्री के सबसे ज्यादा फेमस कॉमिक करेक्टर रहे हैं ।

इन तीनो किरदारों के पीछे का बंदा भी कमाल का है जिनका नाम सुनील ग्रोवर है।

ये किस लेवल के एक्टर हैं और इनकी काबिलियत किसी से छुपी नहीं है। पिछले जितने भी शो हुए उनमें इन्होंने ये साबित किया हुआ है ।

सभी को हंसाने वाले वाले सुनील ग्रोवर ने जब पिछली वेब सीरीज ‘तांडव’ में गुरुपाल बन डराया था, तब लोगो को उनकी रेंज का अंदाजा हो गया था ।

वैसे इनकी ये पहचान अक्षय कुमार की गब्बर इस बैक फिल्म से ही बन गई थी । हाल ही में ये एक जी5 की फिल्म सनफ्लावर में भी नजर आए थे ।

हालांकि इनको पहला मौका एक टीवी शो में 3 सेकंड का ही मिला था इनका आज तक का फिल्मी सफर उतार चढ़ाव वाला रहा है ।

एक टाइम जब सुनील सोनू भी थे

सुनील ग्रोवर का जन्म 2 अगस्त 1977 को हरियाणा में हुआ था। बचपन से ही ये फिल्मी अंदाज में जीते थे, अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान जैसे बड़े स्टार की फिल्में देख के बड़े हुए और फिर इनके सपने भी इतने ही बड़े होते गए।

जब ये 9वीं कक्षा में पढ़ते थे तो इनके पापा ने इनको तबला सीखने के लिए भेज दिया लेकिन ये बेचारे तबला तो सिख नहीं पाए।

परंतु सुर ताल का अनुभव जरूर ले लिया जो भविष्य में इनके काम जरूर आया और अभी भी आ रहा है ।

जब ये थोड़े बड़े हुए तो थियेटर लाइन में जुड़ने की इच्छा अपने पापा को बताई। लेकिन छोटे शहर से होते हुए उधर से ना सुनने को मिला।

लेकिन सुनील के पिता खुद एक रेडियो प्रेजेंटर बनना चाहते थे।लेकिन उनके भी पिताजी ने उन्हें जाने नही दिया ,

जो उन्होंने झेला वो चाहते थे की वही आगे उनका बेटा भी ना झेले और उन्होंने उसकों इजाजत दे दी।

इजाजत लेकर सुनील ग्रोवर पहुंच गए चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी थिएटर में मास्टर्स डिग्री लेने।

जब मिला पहला मौका

कॉलेज में थियेटर करते हुए सुनील ग्रोवर ने एक अच्छे एक्टर के रूप में पहचान बना ली।

‘फुल टेंशन ‘ के पहले एपिसोड में सुनील को एक छोटा सा रोल मिला। 90s का दौर था टीवी पर आना ही अपने आप में बड़ी बात थी ।

सुनील ग्रोवर वाला शो नए साल वाले दिन टीवी पर आना था। सारे खानदान और रिश्तेदारों को सूचित कर दिया था ।

सुनील ग्रोवर का रोल ‘ब्लिंक और मिस ‘ वाला था मतलब आया और गया, ‘डाकू आए, डाकू आए ‘ चिल्लाने के बाद वो भाग जाते है ।

टीवी पर अपने बेटे सुनील को देखने सभी 1 घंटे पहले सभी टीवी के सामने बैठ गए थे । फिर एक वाक्य हुआ । घरवालों ने उसकी मामी को स्पेशल बुलाया था ,

शो को चले हुए एक घंटा बीत चुका था सुनील का कोई सीन नहीं आया और इतने में उसकी मामी को प्यास लगी और वो पानी पीने रसोई में चली गई इतने में सुनील ग्रोवर का सीन आ आ गया

सब जोर से चिलाते है की सोनू (बचपन का नाम ) आया, सोनू आया , इतने में मामी दौड़ते हुए वापिस आती हैं और सीन निकल जाता है और वो उसे मिस के देती हैं।

कॉलेज में ही पहला मौका मिला अजय देवगन जैसे स्टार के साथ

जसपाल भट्टी के शो में काम करना हर एक्टर के लिए एक बड़ी बात मानी जाती थी।

जिस कारण चंडीगढ़ के साथ-साथ अपने कॉलेज में एक अच्छे एक्टर के रूप में पहचान होने लगी।

चंडीगढ़ के पास एक गांव में अजय देवगन और काजोल स्टारर फिल्म ‘प्यार तो होना ही था ‘ की शूटिंग चल रही थी जिसमे एक रोल के लिए एक्टर चाहिए था ।

यही बात उड़ते-उड़ते सुनील ग्रोवर के कानों तक जा पहुंची और तभी सुनील ग्रोवर शूटिंग की लोकेशन पर जा पहुंचे।

फिल्म डायरेक्टर जोकी अनीस बज्मी थे उन्होंने सुनील को रोल बताया और एक्ट करने को कहा।

सुनील से अपना सबसे अच्छा एक्ट करके दिखाया जो उनको अच्छा लगा । सुनील को तोताराम का एक रोल मिल गया ।

2013 में जब सुनील ग्रोवर कपिल शर्मा के शो से लोकप्रिय हुए तब लोगो ने उनको पहचाना कि ये तो वही हैं जो अजय देवगन के साथ फिल्म में था ।

द लीजेंड ऑफ भगत सिंह ‘ फिल्म की फ्री के खाने के लिए

कॉलेज खत्म होते ही सुनील आ गए मुंबई, ताकि फिल्मों मे मिल सके काम । लेकिन उनके लिए नयी समस्या ये थी की वो अभी-अभी मुंबई में नए आये थे।

और मुंबई में रहना खाना आसान बात नहीं थी। उन्होंने एक कमरा किराए पर लिया उसमे रहने लग गए।

दिन में काम ढूंढने लगे और रात को खाना बनाना और कपड़े धोना, उनकी जिंदगी का आम हिस्सा हो गया।

सुनील ने सोचा अगर खाना बनाने से बचना है तो किसी की फिल्म का हिस्सा बनना पड़ेगा और वो चल दिए ऑडिशन देने।

इसी दौरान फिल्म द लीजेंड ऑफ भगत सिंह के ऑडिशन चल रहे थे।

सुनील का ऑडिशन सफल रहा उनको एक छोटा सा रोल मिला जिसमे उनको एक क्रांतिवीर जयदेव कपूर का किरदार निभाना था।

रोल के साथ साथ उनको होटल में ठहरने और फ्री का खाना-पीना मिल गया। इसी बहाने आराम से होटल में ऐश करने को मिल गई थी।

बेटे को नहीं था पसंद उनका लड़की बनने वाला किरदार

सुनील ग्रोवर के करियर का टर्निग पॉइंट था ‘कॉमेडी नाइट्स विथ कपिल’ में काम करना। हर घर में गुत्थी का किरदार बहुत लोकप्रिय रहा।

लेकिन उनके घर के सदस्य ही उस किरदार को पसंद नहीं करते थे।

उनका बेटा मोहन उनको बोलता था की पापा आप गुत्थी का रोल मत किया करो।

मोहन आगे कहता कि पापा मुझे पार्क में बच्चे कहते है कि तेरे पापा लड़की बनते हैं। ये बात सुन कर मोहन रोने लगता था।

सुनील ये देख कर हैरान होता है और फिर अपने बेटे मोहन को को चुप करवाते हैं।

फिर उसको घुमाने पास के ही एक मॉल में घुमाने लेकर जाते है उस टाइम उनका शो ‘कॉमेडी नाइट्स विथ कपिल’ काफी पॉपुलर हो रहा था।

जब मॉल में लोगो ने उनको पहचाना तो वहां उनको देखने के लिए भीड़ इकठी हो गयी।

उनके साथ फोटो लेने लगे थे। फिर सुनील ने अपने बेटे को बोले की देखो ये कमाया है तुम्हारे पापा ने।

उसकी वजह से ही इतना प्यार मिलता है और सभी के चेहरे पर ख़ुशी आती है। ये सुन कर मोहन भी अपने पापा के गुत्थी वाले रोल को बहुत पसंद करने लगे थे।

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