सोने के सही तरीके क्या होते हैं ?

पुरानी कहावत है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ आत्मा का वास होता है। स्वस्थ शरीर तब होगा जब आप रात में भरपूर नींद लेंगे।

जिन लोगों को नींद कम आने की समस्या है उनके लिए स्वास्थ संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी नींद के लिए सही तरीके से सोना भी अहम होता है।

लोग अपनी-अपनी प्रकृति के अनुसार अलग अलग तरीके से सोते हैं। कुछ लोग पेट के बल सोते हैं तो कुछ लोग पीठ के बल सोते हैं।

आइए आज हम इस पोस्ट के माध्यम से यह जानते हैं कि किस तरह से सोना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।

पीठ के बल सोने के फायदे

सामान्यतः लोग पीठ की तरफ सोना पसंद करते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि जो लोग नींद ना आने की समस्या से परेशान हैं।

इन लोगों को पीठ के बल सोना काफी लाभदायक होता है। पीठ के बल सोने को सु्पाइन स्लीपिंग भी कहा जाता है। इससे काफी लाभ होते हैं।

जब हम पीठ के बल सोते हैं तब हमारी रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है। जिस कारण हमारी मांसपेशियों पर तनाव भी कम होता है।

इतना ही नहीं पीठ के बल सोने से छाती पर पड़ने वाले वेवजह तनाव को भी कम किया जाता है।

इससे हमारे शरीर को भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन मिल जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि जो लोग पीठ के बल सोते हैं उससे एसिड रिफ्लक्स भी कम हो जाता है।

जिन लोगों का पेट खराब रहता है और पाचन में समस्या रहती है। उन्हें पीठ के बल सोने की सलाह दी जाती है।

जो लोग चेहरे पर झुर्रियों से परेशान हैं उन्हें भी पीठ के बल ही सोने की सलाह दी जाती है।

पीठ के बल सोने वाले की आंखों के नीचे पानी या खून जमा होने की समस्या नहीं होती हैं।

पेट के बल सोने के लाभ

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो पेट के बल सोना पसंद करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे भी स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभदायक बताते हैं।

जिन लोगों को खर्राटे लेने की समस्या है। उन्हें सलाह दी जाती है कि वह पेट के बल सोएं। इससे उनकी समस्या काफी हद ठीक हो जाएगी।

इसके अलावा पेट के बल सोने से स्लीप एपनिया में ही फायदा होता है। जब आप सो रहे होते हैं तब आपको शारीरिक सहजता बहुत जरूरी होती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पेट के बल सोने से शरीर में ऑक्सीजन का लेवल सामान्य रहता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *