कोरोना की तीसरी लहर

हाइलाइट्स

• डब्ल्यूएचओ ने कोवैक्सीन को भी इसी माह में मंजूरी देने का फैसला किया है।

• रविवार को करोना के 28.5 हजार नये मरीज मिले ।

• मृतकों की संख्या 4,42,874 पर पहुंच

• सही होने वाले मरीजों में 3,74,269 संख्या हुई।ङ

• सुखदः लगातार जांच के बाद करोना के 30 हजार से भी कम केस मिले।

• भारत मे टीकाकरण का आंकड़ा 75 करोड़ के पार पहुंचा तो विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कि इसकी सहारना।

भारत में कोरोना की दूसरी लहर ठीक से गई भी नहीं है और तीसरी लहर का अनुमान लगाया जा रहा है।

बीते कुछ दिनों से कोरोना के नए मामले लगातार बढ़ रहे थे। और यह संख्या हर रोज 40 लाख के पार बनी हुई थी। परंतु पर अब यहां संख्या घटने की कगार पर है।

अगर देखा जाए तो 70 से 75% तो दुनिया ने करोना के ऊपर काबू पा लिया है और इसी के साथ डब्ल्यूएचओ ने भी इसी महा कोवैकसीन को मंसूरी देने की संभावना बताई है।

इसके अभाव में अब तक लोग विदेशों में यात्रा नहीं कर पा रहे थे। जल्द ही इस समस्या से लोगों को छुटकारा मिलेगा।

क्या है टीकाकरण अभियान-

कोविड 19 टीकाकरण अभियान के तहत देश में अब तक 48 करोड़ 93 लाख से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं।

हालांकि इसके बावजूद काफी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं। जिससे महामारी की तीसरी लहर का खतरा मंडराने लगा है।

वैक्सीन को नहीं माना जा सकता पूरी तरह सुरक्षित-

कोरोना को लेकर जो न्यूज़ अमेरिका से मिल रही हैं,उसके अनुसार कोरोना को बिल्कुल हल्के में ना लें।

अमेरिका की सीडीसी के मुताबिक जो लोग टीका लगवा चुके हैं उनको भी संक्रमित होने के पूरे आसार हैं।

वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी वह लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। वह खुद भी संक्रमित हो सकते हैं।

उनके शरीर में भी संक्रमण की मात्रा उतनी ही है जितना कि उनके शरीर में जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज नहीं ली है।

अमेरिका के एक राज्य में जहां लोगों में कोरोना से संक्रमण बढ़ा तब उनकी जांच करवाई गई तो उसमें से 74 लोग वह थे जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज ली थीं।

यानी कि यह लोग फुल वैक्सीनेटेड थे। हालांकि इन लोगों में बहुत कम लोगों को अस्पताल जाने की जरूरत पड़ी।

इसलिए अगर आपको वैक्सीन लग भी चुकी है तो भी आपको बिल्कुल लापरवाह होने की जरूरत नहीं है।

क्योंकि तब पर भी आप दूसरों को उतनी ही तेजी से संक्रमित कर सकते हैं जितना कि वह लोग जिनको वैक्सीन नहीं लगी है ।

दुनिया की क्या स्थिति है कोविड 19 को लेकर-

अमेरिका में हर रोज 80 हजार नए मामले दर्ज हो रहे हैं। और चीन के बीच 27 शहरों में भी यह संक्रमण फैला हुआ है।

यह डेल्टा वैरीएंट चीन के 27 और पूरी दुनिया के करीबन 132 देशों में यह डेल्टा वैरीअंट फैला हुआ है।

डेल्टा की वजह से ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में सख्त लौंडा लागू कर दिया गया है।

और वहां की सेना को सड़कों पर उतार दिया गया है ताकि लोग अपने घरों से बाहर ना निकलें।

दुनिया भर के लगभग 90% वैज्ञानिकों ने यह माना है कि कोरोना वायरस अभी लंबे समय तक रहेगा। यानी तीसरी तो क्या 30 लहर आने की भी आशंकाएं हैं।

*जानिये डेल्टा प्लस वैरीअंट

अभी तक दुनिया में कई वैरीएंट आ चुके हैं इसलिए वैरीएंट को लेकर ज्यादा परेशान होने की और चिंताजनक होने की जरूरत नहीं है।

जरूरत है तो बस इससे सतर्क रहने की और इससे बचने के उपाय करने की। इसको रोकने के लिए हमें कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करना होगा।

अगर यहां यह पालन करते हैं तो कोई भी कोई भी वैरीएंट आए लेकिन हम सुरक्षित रहेंगे।

तीसरी लहर की पीक

कोरोना की दूसरी लहर मई में अपने चरम पर थी। तीसरी लहर आने का पूरा अनुमान है लेकिन यह दूसरी लहर के मुकाबले कम घातक होने की आशंका है।

आईआईटी-कानपुर के वैज्ञानिक मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि अगर कोई नया वायरस नहीं निकलता है तो यह दूसरी लहर के यह तुलना में कम घातक हो सकती है।

ताजा मामले में केवल दैनिक मामलों की सीमा को 1-1.5 लाख तक लाया गया है.

ताजा आंकड़ों के साथ, दैनिक संक्रमण एक लाख के दायरे में और कम होने की उम्मीद है।

टीकाकरण की देश में स्थिति

क्या देश भर में टीकाकरण का काम बहुत तेजी से चल रहा है ? सरकार ने पिछले हफ्ते बुधवार को जो आंकड़े जारी किए हैं

उसके मुताबिक 80,40,407 लोगों का टीकाकरण किया गया और इस तरह अब तक वैक्सीन की 60 करोड़, 38 लाख, 46 हजार, 475 वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी हैं।

अगर इन आंकड़ों को देखा जाए तो 31 दिसंबर तक पूरी आबादी को टीका लगवाना संभव नहीं है।

अगर टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करना है तो आज से हर रोज एक करोड़ डोज लगवाने होंगे।

वैक्सीन ना लगवाने वालों के लिए क्या ज्यादा खतरनाक है तीसरी लहर-

कोरोना की दूसरी लहर ने पहली लहर से भी ज्यादा कहर मचाया था। यह तो हम लोग देख ही चुके हैं।

लाखो लोग संक्रमित हुए और लाखों लोगों की जान गई। अभी की स्थिति को देखते हुए लोग बेपरवाह सड़कों पर घूम रहे हैं।

मॉल, शॉपिंग इत्यादि अपने सारे ही काम कर रहे हैं परंतु अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन्होंने वैक्सीन की डोज नहीं लगवाई है।

उनको तीसरी लहर से ज्यादा खतरा हो सकता है। अभी तक पूरी दुनिया भर में 50 करोड़ से ज्यादा टीके लगाए जा चुके हैं

परंतु अभी भी यहां टीकाकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है। इसलिए सतर्क रहें और वैक्सीन की डोस अवश्य लें।

क्या बच्चों में संक्रमण का खतरा ज्यादा है तीसरी लहर से-

कोरोना की तीसरी लहर का पीक अक्टूबर में चरम पर होने की संभावना है, परंतु इस बात का साक्ष्य नहीं मिलता कि इससे बच्चे को ज्यादा संक्रमण होगा

लेकिन बात यह है कि बच्चों को अभी तक वैक्सीन डो नहीं मिला है। इसलिए उनको सतर्क रहने की आवश्यकता है।

हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, कोरोना के चलते जो बच्चे अस्पताल में एडमिट हुए थे, उनमें 60-70% बच्चों की इम्युनिटी कमजोर थी तथा अन्य बीमारी से संक्रमित थे।

और उनमें हल्के लक्षण भी थे इसलिए अति आवश्यक है कि बच्चों का स्पेशल ख्याल रखा जाए।

उनको भीड़भाड़ वाली जगहों पर ना ले जाया जाए इसलिऐ थर्ड वेब आने पर बच्चे अधिक चिंता का विषय बने हुए हैं।

डरने से ज्यादा जरूरी है सतर्क रहना

तीसरी लहर को लेकर काफी कंफ्यूजन भी है और काफी अकवाहें भी हैं पर डरने की नहीं सतर्क रहने की ज्यादा जरूरत है।

क्योंकि जनता को यह समझना होगा कि कोरोना पूरी तरीके से गया नहीं है।

इसलिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर ज्यादा ना जाएं और जरूरत पड़ने पर ही घर से निकले। मास्क जरूर लगाएं और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

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