क्या आप जानते हैं कि आपकी यात्रा के दौरान पायलट्स सो जाते हैं ?

हवाई जहाज में सफर तो आपने किया ही होगा। भारत में समय के साथ-साथ हवाई जहाज में सफर करना अब आम चलन होता जा रहा है।

लेकिन क्या आपने कभी हवाई जहाज में बैठने से पहले कुछ जानकारियां प्राप्त की हैं।

आप की सुरक्षा को लेकर हवाई जहाज में क्या इंतजाम किए जाते हैं ? इस पर कभी कोई चर्चा की है।

चलिए इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको हवाई जहाज से जुड़े कुछ इंटरेस्टिंग फैक्ट बताएंगे। यह जानकारी आपको हवाई जहाज के स्टाफ के द्वारा नहीं दी जाएगी।

पैसेंजर के खाने से अलग होता है पायलट्स का खाना

पायलट को दिया जाने वाला खाना पैसेंजर को दिए जाने वाले खाने से बिल्कुल अलग होता है।

इसके पीछे का कारण यह है कि पायलट्स की सेहत का विशेष ध्यान रखा जाता है।

आप सोच कर देखिए कि आपको कहीं पर लेडिंग करनी है और आपके पायलट टॉयलेट में बैठे हैं तब क्या होगा ?

ऑक्सीजन मास्क केवल 15 मिनट ही काम करते हैं

जब कभी फ्लाइट में हवा का दबाव कम हो जाता है या फिर ऑक्सीजन कम होने पर फ्लाइट में मौजूद इमरजेंसी मास्क रहते हैं। जो इमरजेंसी में काम आते हैं।

लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें की यह मास्क केवल 15 मिनट तक ही काम करते हैं। इसके बाद इनसे ऑक्सीजन मिलनी बंद हो जाती है।

फ्लाइट में एयर हॉस्टेस आपको इसकी जानकारी नहीं देती होंगी कि यह माफ कितनी देर काम करता है ?

बल्कि सिर्फ इसकी जानकारी दी जाती है की मास्क का प्रयोग कैसे किया जाता है ?

काॅफी न पिएं

एयरलाइंस में कॉफी कंटेनर को नियमित तौर पर साफ नहीं किया जाता है। ऐसा एयरलाइंस के स्टाफ किए हुए सर्वे में सामने आया।

इसमें एयरलायंस स्टाफ की कोई गलती नहीं होती है बल्कि सप्लाई एजेंट ऐसे ही लापरवाही करते हैं।

इसीलिए आपको सलाह दी जाती है कि फ्लाइट्स में सफर करते हुए कॉफी को ना ही पिएं तो बेहतर होगा।

कैमरा

कई बार ऐसा होता है कि प्लेन में जब कोई नहीं होता है तब लोग ही सोचते हैं कि यहां से हटकर दूसरी सीट पर बैठ जाएंगे और कोई हमें नहीं देखेगा।

तब यह आपकी गलतफहमी है। फ्लाइट में हिडिन कैमरे लगे होते हैं जो हर यात्री पर नजर रखते हैं।

मृत्यू होने पर क्या होता है ?

आपने कभी सोचा है कि उड़ान के दौरान यदि किसी यात्री की मृत्यु हो जाती है तो उसके सब के साथ क्या होता है ? ज्यादातर विमानों में शव रखने के लिए विशेष क्षेत्र नहीं होता है।

परंतु अधिकतर मामलों में मृत यात्री को उसी की सीट पर वापस रख दिया जाता है।अन्यथा उसको प्लेन में ही किसी कंबल से ढक कर लेटा दिया जाता है।

डिम लाइट्स का क्या मतलब

आप सोच रहे होंगे कि फ्लाइट में डिम लाइट का प्रयोग रात के समय यात्रियों को सुलाने के लिए किया जाता होगा। लेकिन यह गलत है।

फ्लाइट स्टाफ ऐसा इसीलिए करते हैं जो टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान फ्लाइट में कोई इलेक्ट्रिसिटी इमरजेंसी आती है तो

पावर कट जाने के बाद अंधेरा होने की स्थिति में यात्री डिम लाइट में अपनी आंखें एडजस्ट कर सकें इसीलिए लाइट डिम की जाती हैं।

हेडफोन इस्तेमाल किये हुए होते हैं

अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों को टीवी देखने या कोई संगीत सुनने के लिए हेडफोन दिए जाते हैं।

इन हेडफोंस को एक प्लास्टिक के डिब्बे में बंद करके रखा जाता है।

आप दूर से देखेंगे तो यह बिल्कुल नए जैसे मालूम होते हैं लेकिन वास्तव में यह कई बार इस्तेमाल किए हुए होते हैं।

यूज्ड हेडफोन का इस्तेमाल करने से आपको किसी भी तरह का इंफेक्शन हो सकता है।

पायलट सो भी जाते हैं

जी हां ! आपने बिल्कुल सही सुना। हवाई यात्रा के दौरान पायलट सो जाते हैं।

हो सकता है आपको यह सुनकर अजीब लगे लेकिन यह सच्चाई जब आप हजारों फीट ऊंचाई पर आसमान में उड़ रहे होते हैं।

तब आपको यह नजर आते हैं बेहद खूबसूरत लगता है। लेकिन पायलट्स के लिए यह आम चीजें होती है।

70% पायलट्स ने यह माना की वे हवाई यात्रा के दौरान कभी-कभी सो जाते हैं। लेकिन वे ऐसा केवल लंबी दूरी की यात्रा के दौरान ही करते हैं।

लेकिन इसमें ऐसा घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि ऐसा करने के लिए भी ऑटो पायलट की मदद लेते हैं जब एक पायलट सो रहा होता है तब दूसरा पायलट जाग रहा होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *