मेरी मां ने अनाथालय से मुझे गोद लिया लेकिन अब मुझे उनसे नफरत होती है

समस्या :- मेरी मां ने करीब 30 साल पहले मुझे गोद लिया था। मेरी मां सिंगल मदर है।

आज इनकी उम्र 70 साल है हम दोनों का व्यवहार और व्यक्तित्व एकदम एक दूसरे के विपरीत है।

मैं घर छोड़कर अपने सपनों को पूरा करना चाहती हूँ। लेकिन मैं नहीं जा सकती क्योंकि जब भी मैं घर छोड़ने की बात करती हूं तो

मुझे अंदर से इस बात को ग्लानि होती है कि जिसने मुझे जीवन दिया, अच्छा घर दिया। उसे अकेला कैसे छोड़ दूं ? मेरी मां मेरे साथ अच्छा व्यवहार नहीं करती।

लेकिन मेरी बात इस को सहन करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। मैं यह सब छोड़कर बाहर निकलना चाहती हूँ। लेकिन नहीं निकल सकती।

अब मैं मानसिक रूप से भी परेशान रहने लगी हूँ। क्या मैं घर छोड़कर चली जाऊं तो क्या यह गैर जिम्मेदाराना कदम होगा ?

विशेषज्ञ का समाधान :- चांदनी तुगनायत

मैं आपकी समस्या को भलीभांति समझ सकती हूं। आप मानसिक रूप से भी है प्रताड़ित हैं। एक तरफ आपकी माँ हैं जिन्होंने आपको नया जीवन दिया।

वहीं दूसरी तरफ उनका व्यवहार आपके प्रति अच्छा नहीं है। दोनों ही चीजेंअलग-अलग हैं।

आपकी बातों को सुनकर ऐसा लग रहा है कि आप भ्रमित हैं।

समझ नहीं पा रही हैं कि आप को अपने जीवन में अब क्या करना चाहिए ? आप मानसिक तनाव से गुजर रही हैं बावजूद इसके भावनाओं में बह रही हैं ?

क्या आपने ये प्रयास किए

आपकी बातों से ऐसा लग रहा है कि आपकी मां आपको हर तरह से टॉर्चर करती हैं।

भावनाओं से भी और शब्दों से भी वे आप पर और आपके जीवन पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करना चाहती हैं।

लेकिन सवाल यह है कि क्या आपने अपनी भावनाओं को अपनी मां के सामने तो यह सिर्फ किया है

आपने कभी उनको इस बात का एहसास कराया है कि उनका यह व्यवहार आपको अंदर से कितना तोड़ता है ? क्या आपने कभी अपनी मां के साथ समय बिताने का प्रयास किया ?

तब सबकुछ छोड़कर आगे बढ़ना ही बेहतर विकल्प

अगर ऊपर दिए गए सारे प्रयासों को आप आजमा चुकी हैं और अभी हालात जस के तस हैं।

तो आप यह समय आ चुका है कि आप अपने भावनात्मक पहलू को त्याग कर अपने जीवन में आगे बढ़ने की दिशा में कदम उठाए।

आप अपने जीवन में अपनी जिम्मेदारियों को छोड़ नहीं रही हैं। आप अपनी मां से अलग रहकर भी अपने सारे कर्तव्यों का निर्वहन कर सकती हैं।

आप इस बात को बड़ी आसानी से समझ लीजिए कि जब तक आप खुद का ख्याल नहीं रख सकतीं, किसी और का ख्याल नहीं रख सकतीं।

यदि कोई व्यक्ति अपने रिश्ते पर नियंत्रण करने के लिए भावनात्मक टार्चर करें तो यह भी ठीक नहीं है।

आपको अपने बारे में सोचना सीखना चाहिए। ऐसा करके आप अपनी मां के सामने सीमा सींच सकेंगे जिसमें किसी और का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं होगा।

मदद खुलकर मांगें।

यदि आपकी मां चाहें तो आप उनकी सुरक्षा से मदद ले सकते हैं। लेकिन किसी भी तरह से उनके मजबूर ना करें। आपको चाहिए कि आप इस मामले में किसी भी अच्छे एक्सपर्ट से सहायता जरूर लें।

बहुत से लोगों के साथ यह समस्या रहती है कि वे पहले से ही किसी और से चोट खाए होते हैं। वे तभी सामने वाले को केयर दिखाते हैं जब उन्हें कोई केयर दिखाता है।

हो सकता है कि आपकी मां के साथ भी ऐसा ही हुआ हो। आप अपनी मां का व्यवहार समझने का पूरा प्रयास कीजिए। तभी कोई कदम उठाएं।

 

Source :- NBT

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *