एक महिला का दर्द “अपनी सहेली के पति से सम्बन्ध बनाने की सजा मैं आज तक भुगत रही हूँ “

हम अपने जीवन में अच्छे और बुरे हर तरह के निर्णय लेते हैं। जिनमें से कुछ निर्णय ऐसे होते हैं जिनका प्रभाव थोड़े समय के लिए ही तो होगी रहता है लेकिन कुछ निर्णय हमारे जीवन पर ऐसी अमिट छाप छोड़ जाते हैं,

जो भुलाए नहीं भूलते। इनका दर्द बहुत तेज होता है और हम याद करने पर बार-बार यह सोचकर परेशान होते हैं कि काश हमने यह ना किया होता।

मैंने भी ऐसा ही एक निर्णय लिया था और इस निर्णय ने मेरा जीवन पूरी तरह तबाह कर दिया। उस निर्णय ने मेरा प्यार, मेरे दोस्त, मेरे रिश्ते मेरे होकर भी मेरे ना रहे।

मैंने अपनी बचपन की सहेली का भरोसा तोड़ कर उसके पति से विवाह कर लिया। इसका अंजाम मुझे आज तक भुगतना पड़ रहा है।

सबसे पहले उसने मेरे प्रेमी से फ्लर्ट किया था

साक्षी और हम बहुत अच्छे मित्र थे। कॉलेज के दिनों में हम दोनों साथ ही रहा करते थे और एक दूसरे के लिए सपोर्ट सिस्टम थे।

जिस दिन साक्षी काॅलेज नहीं जाती थी तो मैं भी कोई ना कोई बहाना बनाकर कॉलेज नहीं जाती।

हम दोनों एक दूसरे के बिना अधूरा महसूस करते थे। साक्षी बेहद सुंदर लड़की थी और उसकी कद काठी देखकर मुझे जलन होती थी।

इसके पीछे का कारण यह था कि वह आसानी से किसी को भी अपनी तरफ आकर्षित कर लेती थी।

उसका स्वभाव ऐसा था कि वह सबके साथ घुल मिल कर बात करने लगती थी।

मुझे उससे जलन जरूर होती थी लेकिन हमारी दोस्ती में मेरी दरार नहीं डाल पाई। कॉलेज का जब आखिरी साल था तब मेरा एक बॉयफ्रेंड बना।

मैंने साक्षी से भी अपने बॉयफ्रेंड से मिलवाया। एक दिन मैंने देखा कि साक्षी और मेरा बॉयफ्रेंड आपस में बहुत हंसी मजाक कर रहे थे। मुझे अंदर ही अंदर अच्छा नहीं लगा।

मैंने साक्षी से तो इस बारे में कभी कोई बात नहीं की लेकिन अपने बॉयफ्रेंड से थोड़े ही समय में ब्रेकअप कर लिया। मैं अपनी दोस्त को नहीं खोना चाहती थी।

मुझे साक्षी का पति बहुत अच्छा लगा हमने किस भी किया

हमारी पढ़ाई पूरी हो गई और पढ़ाई के बाद हम दोनों ने एक ही शहर में नौकरी करने का फैसला किया है। एक ही शहर में एक ही घर में रहने के कारण हमारी दोस्ती और गहरी हो गई है।

हम दोनों साथ ही रहते हैं साथ घूमने जाते साथ शॉपिंग करते हैं और हर समय एक दूसरे के लिए तैयार रहते थे। मेरा अपने पति से तलाक हो चुका था।

जीवन की इस असफलता के बाद मैं खुद को नार्मल करने का प्रयास कर रहे थी।इसी दौरान साक्षी की भी शादी हो गई।

साक्षी अपने पति के साथ बेहद खुश थी। अचानक एक दिन साक्षी ने अपने पति से मेरी मुलाकात करवाई।

साक्षी के पति को देखकर मैं देखते ही रहेगी। इतना लंबा-चौड़ा और सुन्दर पति देखकर मुझे साक्षी से एक बार फिर जलन होने लगी।

साक्षी को इतना सुंदर कैसे मिल सकता है ? जैसा कि हर लड़की के साथ होता है। मुझे भी साक्षी की पति से आकर्षण होने लगा।

मैं पूरा दिन सोचती रही कि मुझे ऐसा पति क्यों नहीं मिला ? फिर इसके बाद हम दोनों की बातचीत फोन पर भी होने लगी। एक दिन एक गलत काम की शुरुआत हुई जो नहीं होनी चाहिए थी।

हम तीनों लोग एक दिन साक्षी के घर बात कर रहे थे और तभी साक्षी दरवाजे पर गई वहां पर फूड डिलीवर करने वाला लड़का था। साक्षी को उससे बात करने में समय लगा।

इतने में हम दोनों एक दूसरे के पास असहज महसूस करने लगे और अचानक पता नहीं क्या हुआ कि हम दोनों ने एक-दूसरे को किस कर लिया।

किस करने के बाद हम दोनों ने खुद को बहुत जल्दी नार्मल भी कर लिया और साक्षी के आने के दौरान सामान्य व्यवहार करने लगे।

जब हम रंगे हाथ पकड़े गये

उस दिन की घटना के बाद हम दोनों के बीच हम दोनों के बीच बातचीत और बढ़ गई। फोन और एसएमएस जरूरत से ज्यादा बढ़ गए।

ये चीजें बढ़ती चली गईं। एक दिन हम दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे। तभी अचानक से साक्षी आ गई।

साक्षी हमें देख कर दंग रह गई और उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे। वो इतना गुस्सा हुई कि वहां से तुरंत चली गई।

मैं कपड़े पहन कर साक्षी के पीछे भागी, मैंने पर आवाज दी लेकिन जब उसने जो पलट कर देखा तब मेरी हिम्मत नहीं हुई कि उससे क्या कहूं ?

मुझे उसकी आंखों से धोखा और दर्द दोनों ही देख रहे थे। उस दिन के बाद फिर मेरी साक्षी से मुलाकात नहीं हुई।

मेरी खुशी खत्म हो गई

उस दिन की बात के बाद मैंने साक्षी को कई तरह से कांटेक्ट करने का प्रयास किया। लेकिन मेरे सारे प्रयास विफल रहे।

दूसरी तरफ मेरा और साक्षी के पति के बीच रिश्ता और गहरा होता चला गया।

देखभाल करने वाला और प्यार करने वाला प्रेमी मिल गया था मुझे।

साक्षी से दोस्ती टूटने का मुझे अफसोस तो था लेकिन खुशी भी थे कि मुझे साक्षी का पति मिल गया।

साक्षी ने बहुत जल्दी अपने पति को तलाक दे दिया। तलाक के बाद हम दोनों में शादी कर ली।

शादी के बाद मेरे मन में कई बार साक्षी के बारे में विचार आया लेकिन यह सोच कर अपने आप को संतुष्ट कर लिया। कुछ पाने के लिए कुछ खोना तो पड़ता ही है।

शादी के कुछ समय तक तो सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। लेकिन मेरी खुशी बहुत ज्यादा समय नहीं टिक पाई। मुझे इस बात पर संदेह होने लगा था कि मेरे पति क्या किसी और से भी अफेयर चल रहा है।

क्योंकि मुझे उनकी शर्ट से कभी-कभी किसी और परफ्यूम की स्मेल आती थी। मेरा यह संदेह एक दिन यकीन में बदल गया।

मेरा पति मुझे भी धोखा दे रहा था। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे यह दिन भी देखना पड़ेगा लेकिन मुझे अपने किए की सजा तो मिलनी ही थी सो मिल गई।

सब कुछ मेरे कारण ही तबाह हुआ

जब मेरे पति ने मेरे साथ धोखा दे दिया तो मैंने उससे भी तलाक ले लिया। साक्षी को मैंने एक बार इसी सिलसिले में संपर्क करने का प्रयास किया। तो साक्षी ने मुझसे मिलने की हामी भर दी।

हम दोनों एक कैफे में मिले। मैंने अपने ऊपर गुजरी सारी कहानी साक्षी को सुना दी। साक्षी यह सुनकर सामान व्यवहार कर रही थी।

उसे इस बात पर हैरानी नहीं हुई। मैंने तब साक्षी को वह घटना याद दिलाई जब वह कॉलेज के दिनों में मेरे पास बाॅयफ्रेंड को फ्लर्ट कर रही थी।

और उसको नंबर दे रही थी। साक्षी को सुनकर बहुत गुस्सा आया तो उसने कहा कि मैं तुम्हारे बॉयफ्रेंड से नहीं तुम्हारे बॉयफ्रेंड के एक दोस्त से बहुत इंटरेस्ट थी।

मैं उस को पटाना चाहते थी। साक्षी की यह बात सुनकर मैं हैरान रह गई। अब कहने सुनने के लिए कुछ नहीं बचा था।

मुझे समझ में भी आ चुका था कि मेरे कारण ही सब कुछ तबाह हुआ लेकिन अब कुछ भी सामान्य नहीं हो सकता।

 

0 thoughts on “एक महिला का दर्द “अपनी सहेली के पति से सम्बन्ध बनाने की सजा मैं आज तक भुगत रही हूँ “

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *