सोनू सूद के ठिकानों पर आयकर विभाग छापा मारने नहीं गया बल्कि यह काम करने गया

बीते साल सोनू सूद ने जो कोरोना के समय लोगो की सहायता की थी। वह ऐसे लोगों की मदद करने में वह काफी सुर्खियों में रहे और यह प्रशंसा का विषय भी है।

क्योंकि ऐसे समय पर लोगों की मदद कोई कर नहीं पाया था जो सोनू सूद ने उस समय लोगों का साथ दिया था।

पर बीते बुधवार को आयकर विभाग ने उनके दफ्तरों सर्वे किया है। उनकी मुश्किलें इस समय कुछ बढ़ सकती हैं।

बीते बुधवार को सोनू सूद के छः ठिकानों पर आयकर विभाग ने सर्वे किया है। सूत्रों के मुताबिक मुंबई मे सोनू सूद के जो छः-सात ठिकाने हैं।

वहां आयकर विभाग की टीम पहुंची और वहां पर यह सर्वे किया जा रहा है कि सोनू सूद की आय और उनका टैक्स कितना है ?

वे वहां कैसे और कितना आय व्यय करते है ? क्या उनकी संपत्ति उनकी आय से ज्यादा है ?

छापा पड़ने में और सर्वे करने में फर्क होता है। कैसे होता है यह फर्क आइए जानते हैं ।

जो सर्वे होता है उसमें आयकर विभाग यह जानने की कोशिश करता है कि सम्बंधित व्यक्ति के यहां इनकम कहां से आ रही है ? और उसने यह आय कहां-कहां खर्च की है।

इसी के दौरान बीती रात सोनू सूद के 6 ठिकानों पर आयकर विभाग के कर्मचारी पहुंचे यह एक सर्वेक्षण है।

आप इसको छापेमारी कदापि नहीं कह सकते हैं। यह एक तरह का सर्वे ही है क्योंकि छापेमारी में यह होता है कि जो उसके डाक्यूमेंट्स या दस्तावेज प्राप्त होते हैं,

उसको आईडी जप्त कर लेती है। सोनू सूद के यहां जो सर्वे हो रहा है जिसमें किसी भी कागजात को आयकर विभाग ने जप्त नहीं किया है।

जानकारों के मुताबिक जो कोरोना के टाइम पर सोनू सूद ने लोगों की मदद की थी। वहां एक तरह से हीरो बनकर जनता के साथ उनके समस्या का समाधान कर रहे थे।

तब आयकर विभाग की नजरों में सोनू सूद ही आए। आयकर विभाग यह सर्वे कर रही है कि उन्होंने कितना खर्च किया है और उनको कहां-कहां से डोनेशन मिला।

इस सब की जानकारी सिर्फ आयकर विभाग ले सकती है। इसलिए आयकर विभाग बुधवार को यहां सर्वे किया।

दूसरी ओर हो सकता है राजनीतिक षड्यंत्र!

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सोनू सूद दिल्ली आए थे और वहां आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिले थे।

और यहां अटकलें लगाई जा रही थीं कि हो सकता है सोनू सूद आम आदमी पार्टी में शामिल हो जाएं।हालांकि यह बात अफवाह भी हो सकती है।

क्या सबूत मिले हैं सोनू सूद के खिलाफ

अब इस बात पर भी लगातार संशय बरकरार है कि क्या अचानक से आयकर विभाग उनके ठिकानों पर पहुंची और यहां सर्वे किया जा रहा है या फिर कोई और बात है।

इस बात को सही बताना तो अभी संभव नहीं है। परंतु अभी सभी जनता के माइंड में बस यह बात है कि यह एक राजनीतिक साजिश हो सकती है।

क्योंकि अभी कुछ ही दिन की बात है सोनू से दिल्ली आकर केजरीवाल से मिले थे और उसी के तुरंत ही बाद आयकर विभाग उनके ठिकानों पर सर्वे करने पहुँची है।

फिलहाल उनके खिलाफ क्या ऐसे सबूत मिले थे जो आयकर विभाग तुरंत ही उनके दफ्तरों में पहुंची इसका जवाब से आयकर विभाग के अधिकारी ही दे सकते हैं

परंतु सर्वे करने के बाद आयकर विभाग बहुत से पुराने केसेस में यह देखती है कि कौन-कौन से ऐसे दस्तावेज हैं जो जप्त करने की जरूरत है।

उसके आगे उसके ऊपर क्या कार्यवाही हो सकती है ? दस्तावेज जप्त करने को ही raid कहती हैं।

अभी देखना यह है कि क्या इस सर्वे में सोनू सूद के खिलाफ कोई सबूत मिलते है और क्या उनके ऊपर कोई मुकदमा बनेगा या नहीं?

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